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Avalanche in Uttarakhand : ग्लेशियर फटने से मजदूर हिमस्खलन में दबे, 25 की तलाश, फिर बर्फबारी शुरु, रेसक्यू ऑपरेशन रोका

  • चिंता : मजदूर हिमस्खलन में दबे हैं, भारी बारिश, हिमस्खलन शुरू हो गया, बचाव कार्य बंद

RNE Network.

बद्रीनाथ से 3 किमी दूर चमोली के माणा गांव में भारी बर्फबारी के साथ ही ग्लेशियर फट गया। यहां मौजूद 57 मजदूर दब गए। इनमें से 32 को रेस्क्यू किया गया। अभी भी 25 मजदूर लापता है।

बड़ी परेशानी यह भी है कि यहां एक बार फिर बर्फबारी शुरू हो गई है। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा है। बताया जाता है कि जिन मजदूरों को निकाला गया है उनमें से चार की हालत गंभीर है। मौके पर NDRF, SDRF, ITBP, ARMY और BRO की टीमें रेस्क्यू में जुटी हुई थी। टीमें अब भी मौजूद हैं लेकिन मौसम अनुकूल नहीं है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फ हटाने के काम में लगी हुई थी मजदूर BRO की टीम के साथ थे।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

इसी दौरान एवलांच की वजह से 57 मजदूर बर्फ में दब गए। ये मजदूर 8 कंटेनर और एक शेड में थे। गौरतलब है कि माणा तिब्बत सीमा पर भारत का आखिरी गांव है।

उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने SDRF के अधिकारियों के साथ इस घटना के संबंध में बैठक की है। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को लेकर उत्तराखंड के CM, सेना, ITBP और NDRF के अधिकारियों से बातचीत की है।

इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। चमोली DM संदीप तिवारी ने बताया कि घटनास्थल पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है।