
अमीर खुसरो व तुलसीदास के जन्म स्थल के संरक्षण का प्रस्ताव नहीं, संसद में संस्कृति मंत्री ने एक सवाल के जवाब में जानकारी दी
RNE Network
शायर अमीर खुसरो व तुलसीदास का भारतीय साहित्य व संत समाज मे बड़ा स्थान है। लोगों में उनके काम की चर्चा आज भी होती है। उर्दू के मशहूर शायर अमीर खुसरो का नाम अदब की दुनिया मे बहुत आदर के साथ लिया जाता है। तुलसीदास तो घर घर मे विराजित है।उत्तर प्रदेश के एटा में स्थित प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो व तुलसीदास के जन्म स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक नहीं है। संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में बताया कि इनके विकास के लिए किसी योजना में कोई प्रस्ताव नहीं है। खुसरो 13 वीं सदी व तुलसीदास 16 वीं सदी में जन्मे प्रसिद्ध कवि हैं।