13 साक्षरताकर्मियों को मिला ‘अक्षर मित्र सम्मान’
RNE Bikaner
बीकानेर। भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ, नई दिल्ली की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में मंगलवार को 60वें विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर होटल राजमहल के सभागार में राज्य स्तरीय साक्षरता समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में साक्षरता अभियान के माध्यम से वंचित एवं निरक्षर वर्ग तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने वाले 13 साक्षरताकर्मियों को राज्य स्तरीय ‘अक्षर मित्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय एवं राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग थे तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार बुलाकी शर्मा रहे। समारोह की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र जोशी थे। इस गरिमा में समारोह के स्वागताध्यक्ष पोकरमल राजरानी गोयल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ.नरेश गोयल थे।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ के अध्यक्ष एवं कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि साक्षरता का आंदोलन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार का विषय है। उन्होंने कहा कि अक्षर मित्रों ने अपने समर्पण से अनेक लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने साक्षरता को लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और विकास से जोड़ते हुए निरंतर जनजागरण की आवश्यकता बताई।
समारोह के मुख्य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय एवं राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, दायित्वों और संभावनाओं को समझने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के समग्र विकास की पहली सीढ़ी शिक्षा और साक्षरता है।
वरिष्ठ साहित्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि अक्षर मनुष्य को केवल पढ़ना-लिखना नहीं सिखाते, बल्कि उसे अपने समय और समाज को समझने की दृष्टि भी देते हैं। उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान वास्तव में उस सामाजिक चेतना का सम्मान है, जिसने निरक्षरता के अंधकार को दूर करने का प्रयास किया।
समारोह के स्वागताध्यक्ष एवं पोकरमल राजरानी गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नरेश गोयल ने कहा कि शिक्षा और साक्षरता समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को भी साक्षरता और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सम्मानित हुए साक्षरता कर्मियों के अभिनंदन पत्रों का वाचन गीतकार राजाराम स्वर्णकार ने किया।
संघ के सचिव एवं शिक्षाविद् ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि साक्षरता अभियान के जमीनी कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी निरक्षर लोगों को शिक्षा से जोड़ने का काम किया।
अंत में समीक्षक अशफाक कादरी ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया ।कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।
इन साक्षरताकर्मियों का हुआ सम्मान
समारोह में श्रीगंगानगर के सूरजाराम सियाग, हनुमानगढ़ के दीनदयाल शर्मा, चूरू के ओमप्रकाश तंवर, नागौर की पुष्पलता व्यास, बीकानेर के एल.डी. पंवार, कोलायत के अवधेश कुमार शर्मा, लूणकरणसर के महेन्द्र सिंह शेखावत एवं जगदीश गोदारा, बीकानेर ग्रामीण के महबूब अली पंवार, श्रीडूंगरगढ़ के नेमीचंद मारू, नोखा के रामनारायण शर्मा, बीकानेर के मांगीलाल भद्रवाल तथा लीलाधर बोहरा को ‘अक्षर मित्र सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मानित हुए अक्षर मित्रों में से महेंद्र सिंह शेखावत ने विचार व्यक्त किए।
अतिथियों ने सभी सम्मानित साक्षरताकर्मियों को अभिनंदन पत्र, शाल, स्मृति चिह्न, बैग एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में साक्षरता आंदोलन से जुड़े जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी सुमेर सिंह, प्रदीप कुमार एवं सुभाष जोशी डॉ. फारूक चौहान, प्रोफेसर नर्सिंग बिनानी, जुगल किशोर पुरोहित, चित्रकार योगेंद्र पुरोहित डाॅ.जगदीश बारहठ सहित अनेक लोग उपस्थित हुए