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डीएपी की किल्लत के बीच किसानों को बताया विकल्प, एक बैग डीएपी की जगह 3 बैग एसएसपी और 1 बैग यूरिया के इस्तेमाल की सलाह
 

 

RNE Bikaner

बीकानेर,  रबी फसलों की बुवाई से पहले कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। विशेष रबी गुण नियंत्रण अभियान के तहत उद्यान विभाग की टीम ने बीकानेर क्षेत्र में चार कृषि आदान विक्रेता परिसरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) उर्वरक के दो नमूने लेकर राज एग्री क्यूसी ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक एवं कृषि आदान निरीक्षक मुकेश गहलोत ने सहयोगी उद्यानिकी अधिकारी रमेश भाम्भू के साथ यह कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और कीटनाशक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना है। विक्रेताओं को वैध लाइसेंस के अनुसार और निर्धारित नियमों के तहत ही कृषि आदानों की बिक्री करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

डीएपी के विकल्प के तौर पर एसएसपी और यूरिया

रबी फसलों की बुवाई के मद्देनजर उर्वरकों की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को डीएपी के विकल्प के तौर पर एसएसपी और यूरिया के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार, एक बैग डीएपी के स्थान पर तीन बैग एसएसपी और एक बैग यूरिया का उपयोग किया जा सकता है। इससे फसलों को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ उर्वरक लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, उर्वरकों की मात्रा का निर्धारण फसल, मिट्टी की स्थिति और कृषि विशेषज्ञों की सिफारिश के अनुसार करना जरूरी है।

संतुलित खाद के इस्तेमाल पर जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रगतिशील किसानों से संवाद कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। किसानों को वैज्ञानिक सिफारिशों के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने और अनावश्यक खाद डालने से बचने की सलाह दी गई।

अधिकारियों ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। साथ ही कृषि आदान विक्रेताओं से किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।