डूंगरगढ़ के कोच नगेंद्र सिंह राठौड़ के शिष्य अशोक शर्मा का भारतीय टी20 टीम में चयन, बीकानेर में खुशी की लहर
Rudra News Express Bikaner.
श्रीडूंगरगढ़ के क्रिकेट कोच नगेंद्र सिंह राठौड़ के प्रशिक्षु अशोक शर्मा का जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। इस उपलब्धि से बीकानेर और पूरे राजस्थान के क्रिकेट जगत में उत्साह का माहौल है।
अशोक शर्मा ने वर्ष 2011 से 2019 तक बाल आयु में नगेंद्र सिंह राठौड़ से क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने तेज गेंदबाजी की तकनीकी बारीकियां सीखीं और अपनी गेंदबाजी को लगातार निखारा। राठौड़ ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उनकी स्किल, फिटनेस और गेंदबाजी एक्शन पर विशेष रूप से काम किया।
अशोक की मेहनत रंग लाई और वर्ष 2022 में वे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़े। इसके बाद 2023 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बने। वर्ष 2025 में रणजी ट्रॉफी में राजस्थान की ओर से पदार्पण करते हुए उन्होंने चार मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।
उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के आधार पर आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। आईपीएल में पदार्पण के दौरान उन्होंने 155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर अपनी गति का दम दिखाया। इसी प्रदर्शन के आधार पर 23 जुलाई से शुरू होने वाले जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में उनका चयन हुआ है।
कोच नगेंद्र सिंह राठौड़, जो बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के सतलेरा गांव के मूल निवासी हैं, स्वयं भी राजस्थान के तेज गेंदबाजों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने बीकानेर की ओर से लगातार आठ वर्षों तक कॉल्विन शील्ड क्रिकेट खेला। वर्ष 2009 में रणजी ट्रॉफी कैंप और 2012 में ईरानी ट्रॉफी कैंप के लिए उनका चयन हुआ था, लेकिन कंधे की गंभीर चोट के कारण उनका क्रिकेट करियर आगे नहीं बढ़ सका।
इसके बाद उन्होंने जयपुर में रावत क्रिकेट अकादमी के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया। अशोक शर्मा ने भी इसी अकादमी में नियमित प्रशिक्षण लिया और राठौड़ के मार्गदर्शन में खुद को एक सफल तेज गेंदबाज के रूप में स्थापित किया।
कोच नगेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि "अशोक का अनुशासन, समर्पण, कड़ी मेहनत और क्रिकेट के प्रति जुनून ही उसे यहां तक लेकर आया है। भारतीय टीम में उसका चयन हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।"