पीबीएम में प्रसूताओं की मौत, बॉर्डर पर धार्मिक स्थल तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन; मोदी सरकार से लेकर भजनलाल सरकार तक पर साधा निशाना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
RNE Bikaner.
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने बीकानेर में जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर आयोजित सभा में राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे राजनीतिक हमले बोलते हुए कहा कि "राजस्थान में लोग मर रहे हैं और मुख्यमंत्री जयपुर में अपना स्वागत करवा रहे हैं। सरकार की संवेदना मर चुकी है। ऐसा लगता है कि प्रदेश में सरकार नहीं, सर्कस चल रही है।"
बीकानेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग की अगुवाई में कांग्रेस के आंदोलन के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, गोविंदराम मेघवाल, वीरेंद्र बेनीवाल, सुशीला डूडी, अमित चाचान, हाकम अली, विनोद गोठवाल, भंवरसिंह भाटी, राजेंद्र मूंड, चेतन डूडी, शिमला नायक, सोना देवी, मदनगोपाल मेघवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जूली ने पीबीएम अस्पताल सहित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पानी के इंजेक्शन लगाने जैसी घटनाओं से कोटा, बीकानेर और जोधपुर में प्रसूताओं की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि "ऐसे इंजेक्शन बनाने और खरीदने वालों को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए। यह हत्या है। आज सरकारी अस्पताल जाने से डर लगता है कि कहीं गलत ब्लड न चढ़ जाए, ऑक्सीजन न मिले या आईसीयू में आग न लग जाए।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने निशुल्क दवा, जांच, 25 लाख रुपये तक का इलाज और दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें संभालने में विफल रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा, बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि स्कूलों की इमारतें गिर रही हैं, बच्चे मर रहे हैं, बिजली मंत्री अपने क्षेत्र में बिजली कटौती की शिकायत कर रहे हैं, जलदाय मंत्री अपने गांव में पानी नहीं पहुंचने की बात कह रहे हैं और गृह मंत्री के जिले में अपराध सबसे ज्यादा हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जूली ने कहा कि "अब पर्ची के साथ खर्ची भी आ गई है। सरकार मगरमच्छ पकड़ने की बात करती थी, मगर अब मगरमच्छ तो अपने ही तालाब में बैठे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल अपनी छवि चमकाने के लिए पीआर टीम के भरोसे काम कर रही है।
यमुना जल समझौते पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्थान को उसका पूरा हक नहीं मिलने वाला और केवल बरसात के चार महीने का अतिरिक्त पानी मिलने की बात कही जा रही है। वहीं अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते और किसानों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जूली ने पहलगाम आतंकी हमला और पुलवामा हमले का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और अन्य कथित भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि "न खाऊंगा, न खाने दूंगा' का नारा अब 'खूब खाओ, मैं बचाऊंगा' में बदल गया है।"
सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर "वोटों की राजनीति" के लिए चलाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने की चेतावनी दी।
सभा में कांग्रेस नेताओं ने पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।