Bikaji CMD Shivratan Agrawal Death : हाडीकुंड पहुंची फन्ना बाबू की शवयात्रा, अंतिम विदाई में उमड़ा शहर, बाजार बंद
RNE Bikaner.
ख्यातनाम उद्यमी एवं बीकाजी ग्रुप के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल ‘फन्ना बाबू’ की शवयात्रा उनके निवास बीकाजी हाउस से नत्थूसरगेट के बाहर स्थित हाडीकुंडी श्मशान गृह पहुंची। उनकी शवयात्रा में जहां बड़ी तादाद मंे लोग शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री देवीािसंह भाटी, पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल, पूर्व मंत्री बी.डी.कल्ला, पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी आदि ने जहां अग्रवाल के निवास पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की वहीं अंत्येष्टि स्थल पर भी इनमंे से अधिकांश पहुंचे। अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत, पूर्व न्यास अध्यक्ष मकसूद अहमद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल सहित बड़ी तादाद मंे उद्यमी, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीएम भजनलाल, मंत्री मेघवाल ने दुख जताया:
अग्रवाल के निधन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने दुख जताया है। मंत्री मेघवाल ने कहा, बीकानेर को विश्वपटल ख्याति दिलवाने मंे फन्ना बाबू का बड़ा योगदान रहा है। उद्योग जगत के साथ ही समाज सेवा में भी वे सदैव अग्रणी रहे।
गौरतलब है कि नमकीन के क्षेत्र में दुनियाभर में अपनी खास पहचान बना चुके ब्रांड "Bikaji" के संस्थापक - मालिक शिवरतन अग्रवाल का आकस्मिक निधन हो गया। वे अपनी पत्नी का हार्ट का इलाज करवाने चेन्नई गए थे। पत्नी का इलाज हो गया और हालत ठीक बताई जा रही। आज सुबह चेन्नई से बीकानेर के लिए रवाना होने वाले थे। रात को सोये लेकिन सुबह उठे नहीं। परिजनों ने देखा तो उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
फन्नाबाबू नाम से विख्यात शिवरतन अग्रवाल की जितनी साख एक सफल उद्यमी के तौर पर थी उतनी ही सामाजिक सरोकारों से भी थी। "हल्दीराम" परिवार के इस सदस्य ने बीकानेर में अपने परिवार के साथ मिलकर हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल बनवाई। इस हॉस्पिटल के नियमित रख- रखाव में वे व्यक्तिगत रुचि लेते थे। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम करते रहे। स्कूलों को गोद लेने और उनकी स्थिति सुधारने का काम लंबे समय से कर रहे थे।
5 क्विंटल चंदन की चिता पर अंतिम संस्कार, बेटे दीपक ने दी मुखाग्नि!
अग्रवाल समाज के श्मशान घाट में करीब 5 क्विंटल चंदन की लकड़ियों से चिता सजाई गई जहां उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और “फन्ना बाबू अमर रहे” के नारों से अंतिम यात्रा गूंज उठी।
इससे पहले शुक्रवार सुबह सार्दुलगंज स्थित आवास से अंतिम यात्रा रवाना हुई, जो नत्थूसर गेट होते हुए सतीमाता मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट पहुंची। रास्ते भर लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गौरतलब है कि शिवरतन अग्रवाल की पार्थिव देह गुरुवार रात करीब 9:30 बजे चार्टर प्लेन से बीकानेर लाई गई थी। उनके साथ परिवार के सदस्य भी अलग-अलग चार्टर विमानों से पहुंचे। शहर में शोक की लहर रही और शुक्रवार दोपहर तक बीकानेर के बाजार बंद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शिवरतन अग्रवाल रिश्ते निभाने वाले और बेहद लोकप्रिय व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन में एक अलग पहचान बनाई और समाज में गहरी छाप छोड़ी।