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BIKANER ; ‘चोटी रै गांठ’ उपन्यास का लोक-निजर उच्छब
साहित्यकार सत्यदीप की औपन्यासिक कृति का लोकार्पण व पुस्तक चर्चा कार्यक्रम 12 को

 

 RNE Bikaner

लोकप्रिय कवि व ख्यात साहित्यकार सत्यदीप  की सद्य प्रकाशित राजस्थानी औपन्यासिक कृति ‘चोटी रै गांठ’ का लोकार्पण व पुस्तक चर्चा कार्यक्रम 12 जुलाई को संस्कृति भवन में आयोजित किया जायेगा। इस आशय की जानकारी साझा करते हुए आयोजक संस्था मरूभूमि शोध संस्थान के मानद निदेशक प्रो. बी. एल. भादानी ने बताया कि यह लोक निजर उच्छब साहित्यकार श्याम महर्षि की अध्यक्षता में आयोजित किया जायेगा। समारोह के समन्वयक साहित्यकार रवि पुरोहित के अनुसार डॉ. गजादान चारण के मुख्य आतिथ्य एवं मालचंद तिवाड़ी, डॉ. मदन सैनी और डॉ. चेतन स्वामी के विशिष्ट आतिथ्य में यह समारोह होगा। समारोह संयोजिका कवयित्री भगवती पारीक ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक उपन्यास पर शंकर सिंह राजपुरोहित और हरीश बी. शर्मा सखरी टीप के रूप में पत्रवाचन के तहत अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी रखेंगे।  श्रीभगवान सैनी, महेश जोशी और सीमा भोजक उपन्यास पाठकीय सरोकारों के अन्तर्गत अपने विचार साझा करेंगे।
हिन्दी-राजस्थानी दोनों भाषाओं में समान अधिकार से सृजनशील साहित्यकार सत्यदीप राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर व राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर की सामान्य सभा के सदस्य रह चुके हैं।  सत्यदीप की इससे पूर्व 14 कृतियां प्रकाशित हो चुकी है और कई राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कारों-सम्मानों से समादृत हो चुके हैं।लोकप्रिय कवि व ख्यात साहित्यकार सत्यदीप  की सद्य प्रकाशित राजस्थानी औपन्यासिक कृति ‘चोटी रै गांठ’ का लोकार्पण व पुस्तक चर्चा कार्यक्रम 12 जुलाई को संस्कृति भवन में आयोजित किया जायेगा। इस आशय की जानकारी साझा करते हुए आयोजक संस्था मरूभूमि शोध संस्थान के मानद निदेशक प्रो. बी. एल. भादानी ने बताया कि यह लोक निजर उच्छब साहित्यकार श्याम महर्षि की अध्यक्षता में आयोजित किया जायेगा। समारोह के समन्वयक साहित्यकार रवि पुरोहित के अनुसार डॉ. गजादान चारण के मुख्य आतिथ्य एवं मालचंद तिवाड़ी, डॉ. मदन सैनी और डॉ. चेतन स्वामी के विशिष्ट आतिथ्य में यह समारोह होगा। समारोह संयोजिका कवयित्री भगवती पारीक ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक उपन्यास पर शंकर सिंह राजपुरोहित और हरीश बी. शर्मा सखरी टीप के रूप में पत्रवाचन के तहत अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी रखेंगे।  श्रीभगवान सैनी, महेश जोशी और सीमा भोजक उपन्यास पाठकीय सरोकारों के अन्तर्गत अपने विचार साझा करेंगे।
हिन्दी-राजस्थानी दोनों भाषाओं में समान अधिकार से सृजनशील साहित्यकार सत्यदीप राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर व राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर की सामान्य सभा के सदस्य रह चुके हैं।  सत्यदीप की इससे पूर्व 14 कृतियां प्रकाशित हो चुकी है और कई राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कारों-सम्मानों से समादृत हो चुके हैं।