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Bikaner Body Building Association : हाई कोर्ट ने मान्यता समाप्ति के आदेश पर लगाई रोक, एडवोकेट मधुसूदन ने की पैरवी 

 
RNE Jodhpur - Bikaner
बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन मामले में अरुण व्यास को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय ने मान्यता समाप्त करने और तदर्थ (Ad-hoc) कमेटी बनाने के आदेशों पर रोक लगा दी है।
मामला तब सामने आया जब राजस्थान स्टेट बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन की ओर से नवीन यादव ने 14 नवंबर 2024 को पत्र जारी कर बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन की मान्यता समाप्त करने की सूचना दी। इसके अगले दिन 15 नवंबर 2024 को एक और पत्र जारी कर तदर्थ कमेटी गठित करने की बात कही गई।
इन आदेशों को चुनौती देते हुए बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन की ओर से अरुण व्यास ने अधिवक्ता मधुसूदन पुरोहित के माध्यम से उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि संबंधित पदाधिकारी को इस प्रकार का आदेश पारित करने का वैधानिक अधिकार नहीं है।
मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 14.11.2024 और 15.11.2024 के आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी।
 न्यायालय ने निर्देश दिया कि बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन पूर्व की भांति कार्य करती रहेगी।
अरुण कुमार व्यास की ओर से अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अमित कुमार पुरोहित एवं मधुसूदन पुरोहित ने पैरवी की।
इस फैसले को एसोसिएशन और खेल जगत में अरुण व्यास की बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है।