BIKANER : PBM में Congress का आंदोलन, महिलाओं ने कहा ‘अस्पताल सुधारो’, 10 मांगों पर चेतावनी
RNE Bikaner.
संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम की अव्यवस्थाओं को लेकर जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को "पीबीएम सुधारो जनआंदोलन" के सातवें दिन महिला कांग्रेस ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर जोरदार धरना-प्रदर्शन कर व्यवस्थाओं के खिलाफ हुंकार भरी। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए अस्पताल प्रशासन और सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए तथा चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़ और देहात अध्यक्ष शांति बेनीवाल के नेतृत्व में आयोजित धरने में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही, भ्रष्टाचार और बदहाल व्यवस्थाओं के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रसूताओं की डिलीवरी के दौरान कथित लापरवाही से छह महिलाओं की किडनी खराब होने के मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जवाबदेही तय करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में मरीजों को समय पर दवाइयां, जांच और उपचार सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण बंद पड़े हैं और अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। आंदोलनकारियों ने चिकित्सा मंत्री के कथित बयान की निंदा करते हुए इसे महिलाओं की भावनाओं को आहत करने वाला बताया।
10 सूत्री मांगों के साथ सरकार को अल्टीमेटम :
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष 10 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग और वर्षों से तैयार जनाना विंग को शुरू करना, अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच, सफाई व्यवस्था सुधारना, दवाइयों व जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बंद चिकित्सा उपकरणों को चालू करना, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति तथा प्रभावित प्रसूताओं को 25 लाख रुपये मुआवजा देना प्रमुख हैं।
जनआंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी :
जिला देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज कर जिलेभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, कांग्रेस संगठन और सेवादल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सात दिनों से जारी आंदोलन अब राजनीतिक और जनसरोकार के बड़े मुद्दे के रूप में उभरता नजर आ रहा है।