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Bikaner Crime: कचरे के ढेर में मिली थी सिर और हाथ कटी युवती की लाश, जोधपुर के महिला-पुरुष दोषी करार

 
RNE Bikaner.
बीकानेर में पिछले वर्ष मिले सिर और दोनों हाथ कटे महिला के शव के चर्चित हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जोधपुर निवासी एक महिला और एक पुरुष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

 

अदालत ने दोनों को हत्या, सबूत मिटाने और अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी माना। मामले की जानकारी लोक अभियोजक एडवोकेट राधेश्याम सेवग ने दी।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्वनी कुमार विज की अदालत ने पुलिस थाना जयनारायण व्यास कॉलोनी में दर्ज एफआईआर संख्या 227/24 से जुड़े मामले में अभियुक्त विकास मान और संगीता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने हत्या के मामले में दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

यह मामला 15 जून 2024 का है, जब पुलिस गश्त के दौरान कोटड़ी घड़सीसर अंडरब्रिज के पास डंपिंग यार्ड में कचरे के ढेर में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की हालत बेहद वीभत्स थी। मृतका का सिर और दोनों हाथ कटे हुए थे, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। महिला की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष बताई गई थी। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने जोधपुर निवासी विकास मान और संगीता को गिरफ्तार कर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 34 तथा आयुध अधिनियम की धारा 4/25 व 35 के तहत आरोप पत्र पेश किया। मामला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 से सेशन न्यायालय में विचारण के लिए भेजा गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
18 गवाह, 144 दस्तावेज और 22 साक्ष्य पेश : 
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 18 गवाह पेश किए गए। इसके अलावा 144 दस्तावेज और 22 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को पर्याप्त मानते हुए दोष सिद्ध माना।
साथ-साथ चलेंगी सजाएं : 
अदालत ने हत्या के अपराध में दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास, साक्ष्य मिटाने के मामले में पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा आयुध अधिनियम के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और पूर्व में अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत समायोजित किया जाएगा।