Bikaner Crime: गैंगरेप, पॉक्सो, दहेज हत्या मामले दो माह में नहीं सुलझे तो जयपुर जाएगी रिपोर्ट
RNE Bikaner.
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर बीकानेर रेंज पुलिस ने अब कड़ा और जवाबदेह तंत्र लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित SIUCAW (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमेन) प्रभारियों की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गैंगरेप, पॉक्सो और दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सुपरविजन करेंगे और जांच की निगरानी सीधे उच्च स्तर से होगी।
बैठक में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के SIUCAW अधिकारी शामिल हुए। आईजी ने कहा कि महिला अत्याचार और एससी-एसटी उत्पीड़न के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा हर प्रकरण का त्वरित और निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए।
दो माह में जांच पूरी नहीं तो जयपुर रिपोर्ट :
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह रहा कि महिला अत्याचार के ऐसे गंभीर मामले जिनका निस्तारण दो माह में नहीं हो पाएगा, उनकी फाइल SIUCAW प्रभारी की टिप्पणी के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स), जयपुर भेजी जाएगी। इससे लंबित मामलों की सीधे राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग होगी और जांच एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी।
बाल मजदूरी, महिला सुरक्षा पर फोकस :
आईजी ओमप्रकाश ने ईंट-भट्टों पर कार्यरत बाल मजदूरों के मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत नियोजकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की कार्यक्षमता बढ़ाने और छात्रा आत्मरक्षा कौशल योजना, महिला हेल्पलाइन, राजकॉप सिटीजन एप, व्हाट्सऐप सेवा और महिला-बाल डेस्क जैसी योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा गया।
SIUCAW के पुलिसकर्मी दूसरी ड्यूटी नहीं करेंगे :
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि SIUCAW प्रकोष्ठ में तैनात कार्मिकों को सामान्य कानून-व्यवस्था ड्यूटी या सामान्य प्रकृति के मामलों में नहीं लगाया जाए। उन्हें केवल महिला एवं बाल अपराधों की जांच और निगरानी पर केंद्रित रखा जाएगा ताकि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
पीड़िताओं को सहायता राशि दिलाने की निगरानी :
पीड़ित प्रतिकर योजना-2015 के तहत पीड़ित महिलाओं को सहायता राशि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया की निगरानी भी अब SIUCAW प्रभारियों के जिम्मे होगी। केस ऑफिसर स्कीम के तहत दर्ज मामलों की न्यायिक निर्णय तक मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलम चौधरी, राजकंवर, सतपाल, उप पुलिस अधीक्षक संजीव चौहान सहित विभिन्न जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।