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बीकानेर : पंचायत चुनाव नामांकन शुरू, भाजपा-कांग्रेस बगावत रोकने के लिए आखिरी वक्त में पत्ते खोलेंगे!

 

Rudra News Express Bikaner.

राजस्थान में पंचायत राज आम चुनाव-2026 के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीकानेर में जिला परिषद के 41 सदस्यों और पहले चरण में शामिल चार पंचायत समितियों के 60 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन बीकानेर में एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ।

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार बीकानेर में पहले चरण में खाजूवाला, रूणिया, पूगल और छत्तरगढ़ पंचायत समितियां शामिल हैं। इन चारों पंचायत समितियों में कुल 60 पंचायत समिति सदस्य निर्वाचन क्षेत्र हैं।

13 अक्टूबर तक दाखिल होंगे नामांकन :

जिला परिषद और चारों पंचायत समितियों के लिए नामांकन पत्र 8 से 13 अक्टूबर तक दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। सार्वजनिक अवकाश के दिन नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

नामांकन पत्रों की संवीक्षा 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से होगी, जबकि प्रत्याशी 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी के तुरंत बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

तीन स्थानों पर जिला परिषद के नामांकन : 

बीकानेर जिला परिषद के 41 निर्वाचन क्षेत्रों के नामांकन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

वार्ड 1 से 14 तक के लिए नाम निर्देशन पत्र अतिरिक्त जिला कलक्टर न्यायालय इजलास में लिए जाएंगे।

वार्ड 15 से 28 तक के लिए बीकानेर विकास प्राधिकरण के नए भवन में नामांकन होंगे।

वार्ड 29 से 41 तक के नाम निर्देशन पत्र बीकानेर विकास प्राधिकरण के पुराने भवन में लिए जाएंगे।

सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। चारों पंचायत समितियों के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में नामांकन की व्यवस्था की गई है।

पहले दिन खाली रहा नामांकन केंद्र :

चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों के नाम अंतिम रूप दिए जाने के बाद अगले कुछ दिनों में नामांकन की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।

भाजपा-कांग्रेस में टिकटों पर मंथन :

जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में दावेदारों के नामों पर मंथन जारी है। संभावित प्रत्याशियों के नामों पर स्थानीय स्तर से लेकर पार्टी संगठन तक विचार-विमर्श चल रहा है।

जिला परिषद सदस्यों में से ही आगे जिला प्रमुख का चुनाव होगा। इसी तरह पंचायत समिति सदस्यों में से प्रधान चुना जाएगा। ऐसे में सदस्य पद के टिकट के साथ ही जिला प्रमुख और प्रधान पद के संभावित दावेदार भी अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं।

बगावत रोकने के लिए आखिरी वक्त में टिकट :

भाजपा और कांग्रेस के सामने टिकट वितरण के साथ संभावित बगावत रोकने की चुनौती भी है। इसी वजह से दोनों दलों में टिकटों की घोषणा 11-12 अक्टूबर के आसपास आखिरी दौर में किए जाने की चर्चा है।

विवादित सीटों पर पहले से प्रत्याशी घोषित करने के बजाय अंतिम समय में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पार्टी का अधिकृत सिंबल जमा कराने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है। हाल के शहरी निकाय चुनावों में दोनों प्रमुख दलों ने कुछ स्थानों पर इसी तरह आखिरी समय में अधिकृत प्रत्याशियों के सिंबल जमा करवाए थे।

अब गांवों में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल :

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पंचायत चुनाव का सियासी माहौल गर्माने लगा है। दावेदार टिकट के लिए अंतिम प्रयास में जुटे हैं, वहीं राजनीतिक दल जातीय, स्थानीय और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों के नाम तय करने में लगे हैं।

बीकानेर में फिलहाल नामांकन का पहला दिन खाली रहा है, लेकिन 13 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। 15 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।