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Bikaner : रिटायर्ड BSF कमांडेंट सुभाषचंद्र जोशी का निधन, विश्व हिन्दू परिषद में भी दी थी सेवाएं

 

Rudra News Express Bikaner.

भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सेवानिवृत्त कमांडेंट सुभाषचंद्र जोशी का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से सैन्य एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।

सुभाषचंद्र जोशी BSF के उन चुनिंदा अधिकारियों में रहे, जिनकी सेवाओं को असाधारण सम्मान मिला। बताया गया है कि उनके जीवनकाल में ही अगरतला में उनके नाम से सीमा चौकी स्थापित की गई थी। सैन्य सेवाकाल में उन्हें अनेक पदकों और सम्मानों से नवाजा गया।

1977 से 1998 तक ईस्टर्न कमांड में सेवाएं :

जोशी ने 1977 से 1998 तक ईस्टर्न कमांड में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उग्रवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिजनों के अनुसार, अपने सेवाकाल में उन्होंने कई बोड़ो उग्रवादियों के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लिया।

विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़े रहे :

सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद सुभाषचंद्र जोशी सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष पद पर रहे। अपनी प्रखर हिंदूवादी विचारधारा के कारण वे विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं डॉ. प्रवीण तोगड़िया, डॉ. मोहन भागवत और अशोक सिंघल सहित कई प्रमुख व्यक्तित्वों के करीबी माने जाते थे।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई :

उनके पुत्र दीपांशु जोशी ने बताया कि सुभाषचंद्र जोशी की अंतिम यात्रा आज शाम 4 बजे कुलधम हाउस, पवनपुरी दक्षिण विस्तार स्थित निवास से रवाना होगी। अंतिम यात्रा दक्षिण विस्तार मुक्तिधाम पहुंचेगी, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।