Bikaner : नव संवत्सर पर शोभा यात्रा को भव्य बनाने जुट रहा समाज
RNE Bikaner.
भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत 2083) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली भव्य हिंदू धर्मयात्रा व महाआरती को लेकर शहर में तैयारियां लगातार तेज होती जा रही हैं। धर्मयात्रा के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समाजों, संगठनों और बस्तियों में बैठकों तथा जनसंपर्क का सिलसिला जारी है।
इसी क्रम में हुई निमंत्रण सभा एवं भजन संध्या में बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों, युवाओं और मातृशक्ति ने भाग लेकर धर्मयात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भारतीय नववर्ष की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन केवल नया वर्ष प्रारंभ होने का अवसर नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों के उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर पं. नथमल जी पुरोहित ने कहा कि हिंदू नववर्ष भारतीय उत्सवों और सांस्कृतिक परंपराओं के आरंभ का प्रतीक है। सनातन संस्कृति में इस दिन को नवचेतना और नए संकल्पों के साथ मनाया जाता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि वे इस दिन को उत्सव के रूप में मनाते हुए धर्मयात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें।
विभाग संघचालक टेकचंद बरडिया ने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धर्मयात्रा के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक जागरण और एकता का संदेश जाएगा। उन्होंने सभी समाजों, युवाओं और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में धर्मयात्रा में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक और भव्य बनाने का आह्वान किया।
वहीं भारतीय नववर्ष समारोह समिति के अध्यक्ष गणेश बोथरा ने कहा कि धर्मयात्रा का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न समाजों, संगठनों, व्यापारिक वर्ग और युवाओं में इस आयोजन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। सभी के सहयोग और सहभागिता से इस वर्ष की धर्मयात्रा पहले से भी अधिक भव्य रूप लेगी। उन्होंने नागरिकों से परिवार सहित इस आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि जुगल किशोर ओझा (पुजारी बाबा जी) ने कहा कि भारतीय नववर्ष का उत्सव समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव मनाता है तो उससे सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक वातावरण मजबूत होता है। उन्होंने सभी सनातन बंधुओं से धर्मयात्रा में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर इस उत्सव को नई ऊर्जा और भव्यता के साथ मनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें सूर्या पुरोहित, राहुल जोशी और कान्हा बीकानेरी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजा सांखी ने किया।
इसी क्रम में शहर के विभिन्न समाजों, संगठनों और बस्तियों में बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी तेज हो गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले माली सैनी समाज संस्थान के बैनर तले शिवली में आयोजित बैठक में विभाग संघचालक टेकचंद बरड़िया ने समाजजनों से धर्मयात्रा में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया, वहीं सहसंयोजक विजय कोचर ने युवाओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बैठक का संचालन संस्थान प्रमुख श्यामसुंदर भाटी ने किया।
इसी प्रकार भारतीय नव वर्ष समारोह समिति के तत्वावधान में जैन महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों के साथ भी बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के अध्यक्ष गणेश बोथरा, सहसंयोजक विजय कोचर तथा जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा ने संपूर्ण जैन समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की। इस अवसर पर जैन समाज के कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे और समाज के प्रतीक चिन्ह व ध्वज के रंग के दुपट्टों के साथ धर्मयात्रा में सहभागी होने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा मुरलीधर विस्तार बस्ती में सुंदरकांड पाठ के साथ आयोजित बैठक में हिंदू जागरण मंच के प्रांत सह-संयोजक शैलेश गुप्ता और प्रांतीय अधिकारी राजेंद्र किराडू ने उपस्थित लोगों को धर्मयात्रा के महत्व से अवगत कराते हुए अधिकतम संख्या में सहभागिता का आह्वान किया। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रही।
इसी क्रम में कार्यकर्ताओं ने राजपूत छात्रावास, इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रावास और प्रजापति छात्रावास में जाकर विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें धर्मयात्रा में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस दौरान मोहित जाजड़ा, मेहुल शर्मा, वैभव आचार्य, मुकुल, कुलदीप सिंह और सतपाल सिंह उपस्थित रहे।
वहीं शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक आयोजित की गई, जो कार्यक्रम संयोजक उमेश व्यास के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने शिक्षकों से अधिकाधिक संख्या में धर्मयात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। साथ ही शहर के विभिन्न मंदिरों और संत-महात्माओं से भी संपर्क कर उन्हें धर्मयात्रा में पधारकर आशीर्वाद देने का निमंत्रण दिया जा रहा है। लगातार हो रहे जनसंपर्क और बैठकों के कारण विभिन्न समाजों और संगठनों का समर्थन बढ़ता जा रहा है और पूरे शहर में धर्मयात्रा को लेकर उत्साह का वातावरण दिखाई दे रहा है।