{"vars":{"id": "127470:4976"}}

Bikaner :  पाटां री पंचायत माथै परखीज रैई पारटियां री "चासणी" 

 

 

 

 

 

 

RNE Bikaner.

बीकाणै मांय चुनाव नैड़ा आंवतै ई लोरिया मराज रै मूंडै इयां रंगत आवै ज्यां पुष्करणा सावै मांय छोरै आळां रै खोळा भरा‘र पाछा आंवती बळा दिसै। मुंडा रंगयोड़ा, डट‘र जीम्यौड़ा, माथै साफा अर खुंजै मांय लिफाफा। पछै जिकी मीठी, अणूती निमळी अर ऐलरियोड़ी बात्यां आवै बिस्सी ई बात्यां आं दिना लोरिया मराज नै पाटै माथै आवणिया दावेदारां सामीं आवै। बात्यां-बात्यां मांय सामले रो ‘पाणी’ अर बीरे ‘लारला’ री चासणी नापै। टिकट मिल्यां ‘बोट-सपोट’ री हामळ भरता थकां घणै मान बियांने सिधावै, अर लारै सूं टिकावै, साचोड़ी। लो, थै ई सुणो पाटापच्ची री कैई बातां..।

कुण मैदान मांय अर कुण जासी मेळे...!

‘मराज मोबाइल माथै नूवां-नूवां दावेदार आय रैया है! हरेक वार्ड मंे घर दीठ दावेदार दीसै। सगळा ई लड़सी जणै बोट देवणिया कुण रैसी..’ खांधै आळै गमछै सूं पाटो झड़का‘र बैठता टोरिया महाराज आंवतै ई लोरिया महाराज माथै सवाल नाख्यौ।
सीधो पडूतर नई देवण आळै सभाव मुजब लोरिया महाराज चूंटियो बोड्यो ‘थारै कठै पीड़ है। जचै जिकै ने बोट दियै, कोई गळो झाल‘र तो बोट लेवै कोयनी।‘ 

‘महाराज, थै तो ऊंधी बात ई करो...। सगळा सैंधा चैरा है। किणनै मना करां अर किणनै हुंकारो भरां। थै म्हारी बात रो अरथ समझता थकां इयां करौ जणै आगै म्हांसू ई चुनाव ने लेयर कोई बात ना करिया!’ टोरिया महाराज रो जबाबी तीर जाग्यासर ढूकग्यो। महाराज निमळा हुवता बोल्या ‘अरे म्हारै कैवण रो मतलब ओ हो कै हणै क्यों ताता-ठंडा होवौ। अजै  तो ‘नाई, नाई केस कित्ता..’ आळी बात है। दो दिनां मांय ठा पड़ जासी। कइयां नै तो मेळे जावणो है। मेळां सूं ठीक पैली चुनाव आयां कई खरचा ई निकळ जासी। दो दिनां मांय ठा पड़ जासी, कुण मैदान मांय रैसी अर कुण मेळे जासी...।’


राज रो रूतबो, कण खांड रा भाव... 

लोरिया मराज-टोरिया मराज रो थूक बिलोवणौ चालतो ई हो कै मोहता चौक कानी सूं आया खबरिया मराज हाथ आळै भुजिया रै ठूंगै रो मूंडौ खोल‘र पाटै माथे धरतां सगळा नै एक सवाल सूं बांध्यौ ‘मापौर किसी पारटी रो बणतो दीसै...।’ हणै ताई री बातां सूं मूँढ़ो फोरिया पाटे रै खूणै बैठा झपटिया महाराज नै ठूंगौ धरीजता ई बात्यां मांय इंटरेस्ट आयौ। झपट‘र भुजियां री मुठ्ठी भरता एक्सपर्ट कमेंट नाख्यो ‘इमै सोचण री काईं बात है। ई चुनावां मांय तो राज आळी पारटी री ई चालै।’ 

भुजिया री क्वालिटी अर क्वांटिटी देख‘र कान खुजावता काना महाराज ई हथाई कानी आय ढूक्या। बोल्या ‘थारै राज आळौ जोम धरयोड़ौ रैय जावैला। अे चुनाव इत्ता सोरा कोयनी। तूं बता लारली बार राज किसी पारटी रो हो।’ जबाब मिल्यो ‘कोंग्रेस रो।’ अर मेयर किसी पारटी री बणी! माथै सळ घालता दोरै जी सूं उथळो दियो ‘बीजेपी री...पण अबकी सगळी ताकत बीजेपी रै हाथ मांय है। केन्द्र मांय सरकार अर बीकानेर रो मंतरी। राज मांय सरकार अर जिले रो केबीनेट मंतरी। सात मांय सूं छव एमएलए राज आळी पारटी रा...। 

झपटिया मराज कीं ओर बोलता उण सूं पैला ही भुजिया कानी खिसकता भोळिया महाराज टीवी री नूराकुश्ती आळी डिबैट ज्यूं ग्यान बघारियो- लारली सरकार में बीकानेर रा तीन चुणीज्योड़ा और तीन थरपिज्योड़ा मंतरी हा। आज ताईं कदैई इत्ता सारा मंतरी बीकानेर जिलै सूं रैयोड़ा कोयनी। जद बै सगळा मिल‘र कीं नीं कर सक्या जणै सरकार आळी बात तो रैवण ई दो। बियां थानै बताय दूं, खांड रा भाव अर गैस री टंकी सूं लोग दुखी बोत है। इयां नीं हुवै कै राज आळा मुंडा ताकता रैय जावै अर बोट दूसरोड़ा लेय जावै..। 

किसोड़ी पागड़ी री पावली-पांचाना...

बात्यां रा भचीड़ बाज ई रैया है कै फोमला महाराज पछै ‘सैर री दाई’ री थोड़ी-घणी कमी पूरी करणिया ढेमला महाराज आयग्या। बात्यां सूंघण रा उस्ताद ढेमला महाराज समझग्या कै आज रो किचोवणौ ‘महापौर कुण बणसी’ माथै है। आपरी आदत रे मुजब आड्यां आळी बात करता बोल्या ‘थे सगळा..म्हारी सुणलो...! ‘पागड़ी’ जकै ने चासी बो ई मापौर बणसी।’ केई ताळ सरणाटो हुयग्यो। इसा मौकां माथै ई कुबदिया मराज री कुबद जागै अर ढेमला महाराज जिस्या 'बादसा' माथे 'इक्को' न्हाखै।  बे पाटै माथै आडा हुयोड़ा, ठंडी हवा रो मजो लेवतां आंख्या मींच्योड़ा हा जाणै गैरी नींद मायं हा। अचाणचक आंख्यां मींच्योड़ा ई बोल्या-किसोड़ी पागड़ी। केसरिया रंग आळी या केसरिया-हरे रंग आळी...। अबै बात्यां दोनू पागड्यां रे बिचाळै चालण आळी ‘कामळियै री डुक्काबाजी’ माथे मुड़गी। ‘किसोड़ी पागड़ी री पावली पांच आना मांय चालसी..’ माथै पाटे पर जुबानी गुत्थमगुत्था सरू हुयगी अर कुबदिया महाराज पाछा बेलाग भाव सूं आंख्यां मींच्योड़ा स्यात नूंवी कुबद री सोध मांय लाग्या...।

-पाटाधीश