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Bikaneri Holi : शहर में रंगत परवान पर, होलिका दहन रात को अलग-अलग वक्त, पूरा शहर मस्ती में डूबा

साले की होली 08ः30 बजे, आचार्यों का चौक 01ः30 बजे, दम्माणी चौक रात को 03ः30 बजे
 
RNE Bikaner.
अपनी खास मस्ती के कारण देशभर में अलग पहचान रखने वाली बीकानेरी होली में इस बार भी उमंग के रंग परवान पर हैं। गेर, रम्मत, फागणिया, फुटबाल, फाग के राग से गुजरती हुई यह ‘मस्ती एक्सप्रेस’ अब होलिका दहन के करीब आ चुकी है। दहन के साथ ही धुलंडी का आगाज होगा और पूरा शहर गुलाली रंग में रंग जाएगा। इससे पहले होलिका दहन के समय को लेकर इस बार भी अलग-अलग मुहूर्त सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि अलग-अलग चौक-मोहल्लों में अलग-अलग समय होलिका दहन की तैयारी है।
साले की होली 08ः30 बजे: 
बीकानेरी में आकार के लिहाज से सबसे बड़ी होली ‘साले की होली’ मानी जाती है। यह पूरा चौक की ही साले की होली चौक कहा जाता है। मोहता चौक के मोहता, बिहाणी आदि जाति के लोग अपने चौक से गेर के रूप में यहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही दूसरे चौक-मोहल्लों से अन्य जातियों के लेाग रास्तों में आकर मिल जाते हैं। साले की होली चौक तक पहुंचते-पहुंचते यह गेअर बड़ी रैली का रूप ले लेती है। इसके साथ ही पूजन-अर्चन के बाद होलिका दहन होता है। शहर के कई हिस्सों के लोग यहां होलिका दहन का दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार यहां होलिका दहन का समय रात 08ः30 बजे बताया गया है।
आचार्य चौक में रात 01ः35 बजे बजे :
बीकानेर का आचार्य चौक होली के मौके पर जिस वजह से बड़ा आकर्षण केन्द्र रहता है वह है अमरसिंह राठौड़ की रम्मत। होलिका दहन से दो दिन पहले पूरी रात चलने वाली इस रम्मत को देखने-सुनने दूर-दूर से लोग आते हैं। इसके साथ ही होलिका दहन में भी इस चौक के महूर्त को महत्वपूर्ण माना जाता हैं। पंडित जितेन्द्र आचार्य ग्रह-दशा की गणना के आधार पर बताते हैं कि इस बार रात को 01ः35 बजे भद्रा पुच्छ में होलिका दहन होगा।
दम्माणी चौक में रात 03ः30 बजे बाद:
शहर की पारपंरकि होली मंे दम्माणी चौक का खास महत्व है। ‘छतरी वाले पाटे का चौक’ नाम से मशहूर इस चौक के पाटे पर मनोज कुमार की एक फिल्म में गीत फिल्माया गया था। यहां होली की रंगत सर्वाधिक रहती है और शहर के लगभग हर हिस्से के लोग धुलंडी के दिन यहां पहुंचते है। यहां होलिका दहन भी हर बार शहर की बाकी होलियों के बाद होता है। इस बार भी यहां होलिका दहन रात को 03ः30 बजे बाद होगा।
बीकानेर शहर के इन तीन प्रमुख होलिका दहन के अनुरूप ही शहर के बाकी हिस्सो में भी इस बार होलिका दहन अलग-अलग समय में होता हुआ लग रहा है। अलबत्ता धुलंडी ज्यादातर हिस्सों में 03 मार्च को ही मनाई जाएगी। हालांकि इस बार धुलंडी के दिन ग्रहण और उसके सूतक का प्रभाव भी रहेगा।