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Bikaner के अधिवक्ताओं का प्रशासन पर तंज, हालात नहीं सुधार सकते तो नाव दिला दो

बीकानेर कोर्ट परिसर में जलभराव और अतिक्रमण से परेशानी

 

RNE Bikaner.

बीकानेर में बारिश के बाद पुराने कोर्ट परिसर में जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। परिसर में जगह-जगह पानी भरने से अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात पर नाराजगी जताते हुए अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हो सकता तो कोर्ट तक पहुंचने के लिए नाव की व्यवस्था ही कर दी जाए।

अधिवक्ताओं का कहना है कि पुराने कोर्ट परिसर में बारिश के बाद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष यही स्थिति बनती है। पूर्व में एसबीआई पीपी शाखा भी सीवरेज और निकासी के पानी के भराव से प्रभावित हो चुकी है, लेकिन प्रशासन अब तक स्थायी समाधान नहीं खोज पाया है।

इधर, कोर्ट परिसर के आसपास अव्यवस्थित ठेले लगने से भी आवाजाही बाधित हो रही है। विशेष रूप से स्टाम्प वेंडर के डीएसओ कार्यालय के सामने स्थित पोर्च, पुराने पारिवारिक न्यायालय और महिला कॉमन रूम के आगे ठेले खड़े रहने से मार्ग अवरुद्ध होने की शिकायत की गई है। अधिवक्ताओं ने स्टाम्प वेंडर्स के लिए भी उचित स्थान निर्धारित करने की मांग उठाई है।

इन दोनों समस्याओं को लेकर "जन कर्तव्य (सबका विश्वास) मंच" की ओर से जिला कलेक्टर बीकानेर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कोर्ट परिसर से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने तथा अतिक्रमण और अव्यवस्थित ठेलों को हटाकर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है तथा न्यायालय आने वाले लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ेगी।