Deshnok चुनाव में देवीसिंह भाटी की एंट्री : पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी वार्डवार मीटिंग लेंगे, कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक
Rudra News Express Deshnok-Bikaner.
देशनोक नगरपालिका का चुनाव अब महज पार्षदों के चुनाव तक सीमित नहीं रह गया है। कोलायत विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में यह मुकाबला भाजपा विधायक अंशुमानसिंह भाटी और पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी के लिए प्रतिष्ठा की परीक्षा बनता दिखाई दे रहा है। इसी सियासी मुकाबले में अब भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी की सक्रिय एंट्री ने चुनावी तापमान और बढ़ा दिया है।
देशनोक नगरपालिका में 11 सितंबर को मतदान होना है। विधानसभा चुनाव में अंशुमानसिंह भाटी ने कांग्रेस के तत्कालीन दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी को शिकस्त दी थी। विधानसभा चुनाव के बाद अब नगरपालिका चुनाव दोनों नेताओं के लिए अपनी जमीनी राजनीतिक पकड़ को परखने का बड़ा मौका बन गया है।
पालिका के बाद पंचायत चुनाव, फिर विधानसभा की तैयारी?
देशनोक का यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद पंचायत चुनाव होने हैं और आगे विधानसभा चुनाव की सियासी जमीन भी तैयार होगी। ऐसे में स्थानीय निकाय चुनाव को दोनों खेमों के संगठन, कार्यकर्ताओं और जनाधार की मौजूदा ताकत का टेस्ट माना जा रहा है।
एक तरफ विधायक अंशुमानसिंह भाटी के सामने अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ भंवरसिंह भाटी के लिए यह चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद अपनी राजनीतिक जमीन और संगठनात्मक प्रभाव को साबित करने का मौका है।
अब देवीसिंह भाटी मैदान में :
इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने देशनोक के चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका संभाल ली है। वे आज सुबह 8 बजे देशनोक पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं की वार्डवार बैठक लेंगे। बैठक में वे अलग-अलग वार्डों के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और चुनावी स्थिति का फीडबैक लेंगे। प्रत्येक वार्ड में पार्टी की स्थिति, मतदाताओं का रुझान, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा होने की संभावना है। भाजपा की कोशिश है कि मतदान से पहले प्रत्येक वार्ड में संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाए और बूथ स्तर तक चुनावी प्रबंधन मजबूत किया जाए।
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर भी नजर :
बैठक में कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति और संभावित गुटबाजी को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा की कोशिश होगी कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के बीच दिखाई दे रही खींचतान का राजनीतिक लाभ उठाया जाए। देवीसिंह भाटी अपने लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और मतदाताओं से सीधे संपर्क का मंत्र देंगे। हर बूथ-हर घर संपर्क को चुनाव अभियान का अहम हिस्सा बनाने पर जोर रहने की संभावना है।
ऐसे में कहा जा सकता है कि देशनोक नगरपालिका चुनाव अब स्थानीय निकाय की सत्ता से आगे निकलकर कोलायत की सियासत में शक्ति प्रदर्शन का मुकाबला बनता जा रहा है। अंशुमानसिंह भाटी के लिए यह अपनी मौजूदा राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने का मौका है, वहीं भंवरसिंह भाटी के लिए वापसी की जमीन तैयार करने की चुनौती।