जिला परिषद सीईओ श्रीमती शैलजा पांडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित — शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायत को मिलेगी 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
RNE Bikaner
बीकानेर, आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं चयनित ग्राम पंचायतों में निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में सीईओ श्रीमती शैलजा पांडे ने निर्देश दिए कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले की चयनित पांच ग्राम पंचायतों में आगामी 20 सितंबर तक सभी 18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य पूर्ण होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव नियमानुसार तैयार कर राज्य स्तर पर भिजवाया जाए, ताकि पात्र पांचों ग्राम पंचायतों को 11-11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग संबंधित आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के बेहतर संचालन एवं रख-रखाव में किया जा सकेगा।
जिले की पांच ग्राम पंचायतों का हुआ था चयन
बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के तहत पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों को स्वस्थ एवं निरोगी बनाने के उद्देश्य से आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना प्रारंभ की गई है। योजना के प्रथम चरण में जिले की पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें कोलायत पंचायत समिति की गुड़ा और हदां ग्राम पंचायत, श्रीडूंगरगढ़ की बाडेला ग्राम पंचायत,बीकानेर की कोलासर ग्राम पंचायत और पूगल की रामनगर ग्राम पंचायत शामिल हैं।
जिले में कुल 57 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिनमें से इन पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के लिए चयनित किया गया है।
18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर किया जा रहा है कार्य
बैठक में आयुर्वेद विभाग के सहायक जिला नोडल अधिकारी एवं सहायक निदेशक डॉ रिड़मल सिंह राठौड़ ने योजना के तहत जिले में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चयनित ग्राम पंचायतों में निर्धारित 18 स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इनमें प्रकृति परीक्षण, महिलाओं एवं किशोरियों में रक्ताल्पता की जांच एवं उपचार, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों की स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य प्रबोधन, तंबाकू मुक्त ग्राम, औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता एवं रोपण, सामान्य बीमारियों में घरेलू उपचार को बढ़ावा, ऋतुचर्या एवं मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली, प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य प्रोफाइल, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत, मीजल्स-रूबैला मुक्त ग्राम पंचायत आदि शामिल हैं।
इसके साथ ही शत-प्रतिशत प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव, संपूर्ण टीकाकरण, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच एवं प्रबोधन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में पंजीकरण व कार्ड वितरण तथा मोतियाबिंद रोगियों की जांच एवं उपचार भी इन सूचकांकों में शामिल हैं।
पारंपरिक चिकित्सा एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना उद्देश्य
योजना का प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आमजन के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या और प्रकृति परीक्षण जैसी स्वास्थ्यप्रद आदतों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से ग्रामीण आबादी को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
शत-प्रतिशत उपलब्धि पर 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
चयनित ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित सभी 18 स्वास्थ्य सूचकांकों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित किए जाने पर 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। लक्ष्य प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायत का प्रस्ताव ग्राम पंचायत स्तरीय समन्वय समिति के माध्यम से खंड स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। अनुमोदन के बाद प्रस्ताव जिला स्तरीय समिति को तथा जिला स्तर से अनुमोदन के पश्चात अंतिम चयन के लिए राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाएगा।
बैठक में आईएएस सुश्री स्वाति शर्मा, आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना की जिला नोडल अधिकारी एवं एसीईओ श्रीमती ऋतुराज महला, आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार पारीक, चयनित पांचों आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के प्रभारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।