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गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सकों का सम्मान, नागरिक परिषद ने 'गोद लेकर विकास' का संकल्प दोहराया
 

 

RNE Bikaner. 

"ईंट-सीमेंट से अस्पताल की इमारत बनाई जा सकती है, लेकिन उसकी प्राण-प्रतिष्ठा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा से ही होती है।" इसी भाव के साथ गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां समाजसेवियों ने चिकित्सा सेवा को सबसे बड़ा मानवीय धर्म बताया।

गंगाशहर नागरिक परिषद, कोलकाता के अध्यक्ष प्रदीप चोपड़ा ने कहा कि बड़े सपने देखने और उन्हें संकल्प के साथ पूरा करने का प्रयास ही सफलता का आधार है। उन्होंने कहा कि परिषद अपनी मातृभूमि गंगाशहर में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के कार्यों के लिए लगातार समर्पित है। अस्पताल के बाद अब राजकीय भट्टड़ स्कूल को भी गोद लेकर उसके विकास की व्यापक योजना बनाई जाएगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ करुणा प्रार्थना के साथ हुआ। परिषद के मंत्री मनीष सेठिया ने अस्पताल के विकास में चिकित्सकों और समाजसेवियों के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि जिस वार्ड में समारोह आयोजित हुआ, उसका निर्माण समाजसेवी सहयोग से कराया गया है। उन्होंने अस्पताल में लग रही नई लिफ्ट की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए सूरत प्रवासी गंगाशहर ओसवाल (जैन) नागरिक परिषद का सहयोग मिला है।

समारोह में अस्पताल अधीक्षक डॉ. मुकेश बाल्मीकि सहित डॉ. संजीव सहगल, डॉ. विजयपाल सुनिया, डॉ. विजय कच्छावा, डॉ. चन्द्रप्रभा, डॉ. रेणु बजाज, डॉ. अमित अरोड़ा, डॉ. जयसिंह बारठ, डॉ. खुशबू जोशी, डॉ. असलम और डॉ. धर्मवीर सियाग सहित अनेक चिकित्सकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए तिरंगा पटका और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सुराणा का राजस्थान जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति का सदस्य मनोनीत होने पर भी अभिनंदन किया गया। सुराणा ने अस्पताल के विकास में नागरिक परिषद के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यहां 24 घंटे प्रसूति सेवा शुरू कराने के प्रयास जारी हैं।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में गर्मी के मौसम में मरीजों और परिजनों के लिए टेंट, वाटर कूलर और 'अमृतम्' शीतल पेय सेवा संचालित करने वाले स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के संयोजक जतनलाल दूगड़ ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प है। जीवन की रक्षा करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निष्ठा ही किसी अस्पताल की वास्तविक पहचान होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा, समाज सेवा के दो सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।

कार्यक्रम का संचालन जतनलाल दूगड़ ने किया तथा आभार मेघराज बोथरा ने व्यक्त किया। अंत में गंगाशहर समिति के पूर्व चेयरमैन चंपालाल डागा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।