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विराट हिंदू सम्मेलन में संघ पर शोध हेतु डॉ. अल्पना शर्मा का सम्मान

 

RNE Bikaner.

नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर शोधकार्य पूर्ण करने व उनके सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न विराट हिन्दू सम्मेलनों -शकुंतला बस्ती,मुरलीमनोहर बस्ती व बिट्ठल नाथ बस्ती  में डॉ. अल्पना शर्मा को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में धर्म, संस्कृति और समाज के प्रति समर्पित अनेक संतों, विचारकों एवं दानदाताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रहित में सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा।

सम्मान समारोह के अवसर पर दाता श्री रामेशरानंदजी महाराजजी,अधिष्ठाता,ब्रह्मगायत्री तपोभूमि,सागर ने अपने आशीर्वचनों से कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसे व्यक्तित्वों के सम्मान को प्रेरणादायी बताया जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
 

संत श्रीश्याम सुंदर जी ,मुरलीमनोहर धोरा भीनासर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें सेवा, त्याग और कर्तव्यबोध में निहित हैं। उन्होंने डॉ. अल्पना शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बौद्धिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से ही राष्ट्र सुदृढ़ होता है।

विभाग संघचालक श्री टेकचंद जी बरडिया ने सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक चुनौतियों का समाधान खोजें।
 

योगी निश्चल नाथ जी ने अपने उद्बोधन में आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब आध्यात्मिकता और सामाजिक दायित्व साथ चलते हैं, तब राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव होता है।

वहीं योगी ओमनाथ जी अधिष्ठाता,केदारनाथ गुफा,गोगा गेट ने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता और अनुशासन में है। उन्होंने सम्मेलन को विचार-विमर्श का सशक्त मंच बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
 

इस अवसर पर सम्मानित डॉ. अल्पना शर्मा ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने उदबोधन में  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की100 वर्षों की यात्रा को  स्थापना से लेकर वर्तमान में संघ वटवृक्ष बन चुका  है ,का अपने शोध के कार्यों का संक्षिप्त रूप से बताया। डॉ शर्मा ने ये भी बताया कि संघ से प्रशिक्षित होकर प्रखर वक्ता,प्रखर राजनेता देश की सेवा में लगे। वर्तमान केंद्र  सरकार के अकल्पनीय कार्यों :-कश्मीर में 370 अनुच्छेद को निष्क्रिय करना,राममंदिर निर्माण,ऑपरेशन सिंदूर,तीन तलाक आदि कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए सामाजिक दायित्वों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, देश भक्ति गीत कवि सम्मेलन आदि कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगीत , भारत माता के जय कारे एवं सामाजिक समरसता के संदेश के साथ हुआ।