{"vars":{"id": "127470:4976"}}

 निधन : बीकानेर के प्रसिद्ध रम्मत कलाकार सुशील कुमार सेवग ‘लालजी’ नहीं रहे!

बीकानेर के रम्मत कलाकार "लालजी" का निधन, बी डी कल्ला सहित सैकड़ों ने दी श्रद्धांजलि

 

Rudra News Express Bikaner. 

बीकानेर की विश्वविख्यात रम्मत परंपरा के प्रसिद्ध लोकगीत कलाकार, रियासतकालीन वंशानुगत पुजारी परिवार के सदस्य और शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज के रत्न कहे जाने वाले सुशील कुमार सेवग उर्फ ‘लालजी’ का 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बीकानेर के लोककलाकारों और शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज में शोक की लहर छा गई।

सुशील कुमार सेवग बीकानेर की रम्मतों में लोकगीत कलाकार के रूप में विशेष पहचान रखते थे। रम्मत की समृद्ध लोक परंपरा से जुड़े कलाकार के रूप में उन्होंने इस सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। आज उनका अंतिम संस्कार समाज के शमशान में किया गया, जहां उनके पुत्र मनमोहन सेवग ने मुखाग्नि दी। सुशील कुमार सेवग के परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों तथा गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त किया और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। शोक व्यक्त करने वालों में वरिष्ठ नेता डॉ. बुलाकीदास कल्ला, विक्रम कल्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.पी. शर्मा, मारुनायक मंडल के अजय देराश्री, रघु जोशी, बल्लू जोशी, घेवर जी भादानी, राजस्थान प्रांतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष गणेशदास सेवग, महासचिव राजेश शर्मा, भाई बंधु ट्रस्ट की अध्यक्षा श्रीमती कामिनी विमल भोजक ‘मैया’, शाकद्वीपीय ब्राह्मण बंधु ट्रस्ट के अध्यक्ष आर.के. शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गादत्त भोजक, श्रीराम शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार हरीश बी. शर्मा, पूर्व पार्षद नितिन वत्सस, बीकानेर शाकद्वीपीय समाज के अध्यक्ष दयाशंकर शर्मा उर्फ लड्डू और पूर्व पार्षद दुलीचन्द सेवग सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।