किसानों को खाद के लिए अब नहीं लगना पड़ेगा कतार में, एफएफएस ऐप से घर बैठे होगी उर्वरक की बुकिंग
एफएफएस ऐप से घर बैठे नजदीकी विक्रेता से बुक कर सकेंगे डीएपी, यूरिया, एनपीके व एसएसपी
नई उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू, फार्मर आईडी या आधार से ऑनलाइन बुक कर सकेंगे डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं एसएसपी
जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं व प्रगतिशील किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
RNE Bikaner.
राज्य में किसानों को अनुदानित उर्वरक उपलब्ध करवाने के लिए फ्रेमवर्क फोर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) की नई उर्वरक वितरण व्यवस्था 15 अगस्त से लागू हो चुकी है। नई व्यवस्था के तहत किसान फार्मर आईडी अथवा आधार कार्ड के माध्यम से एफएफएस मोबाइल ऐप पर घर बैठे नजदीकी उर्वरक विक्रेता से डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं एसएसपी सहित अनुदानित उर्वरकों की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि एफएफएस मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान जिले में विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध खाद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था का प्रमुख लाभ यह है कि किसानों को उनकी फसल एवं भूमि के प्रकार के आधार पर वैज्ञानिक सिफारिश के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी। इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों द्वारा अंधाधुंध उर्वरक उपयोग पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
सभी ब्लॉकों में उर्वरक विक्रेताओं को दिया प्रशिक्षण:
श्री गहलोत ने बताया कि कृषि विभाग जिला बीकानेर के संयुक्त निदेशक श्री मदन लाल की अध्यक्षता में जिले के सभी ब्लॉकों में उर्वरक विक्रेताओं को संबंधित उर्वरक निरीक्षकों द्वारा एफएफएस व्यवस्था के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण में सहायक निदेशक सुरेंद्र मारू एवं मीनाक्षी शर्मा तथा कृषि अधिकारी राम निवास गोदारा ने प्रशिक्षण दिया। इसी प्रकार खाजूवाला-छतरगढ़ में कृषि अधिकारी सोमेश तंवर, लूणकरणसर में कृषि अधिकारी गिरिराज चारण, नोखा में सहायक निदेशक राजूराम डोगीवाल, पांचू में कृषि अधिकारी मामराज, श्रीडूंगरगढ़ में सहायक निदेशक रघुवर दयाल एवं कृषि अधिकारी मेघराज तथा बज्जू में सहायक निदेशक रामकिशोर मेहरा द्वारा उर्वरक विक्रेताओं एवं प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उर्वरक विक्रेताओं एवं प्रगतिशील किसानों से अधिकाधिक कृषकों को एफएफएस ऐप के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया है, ताकि किसान नई व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।