Gayatri Rathore in Bikaner: राठौड़ स्वास्थ्य विभाग की शीर्ष अधिकारी ने संभाला मोर्चा, कहा- हर पहलू की हो रही है जांच
RNE Bikaner.
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने, किडनी फेल होने और दो महिलाओं की मौत के बाद उठे सियासी और जनाक्रोश के बीच चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ मंगलवार को बीकानेर पहुंचीं।
PBM Hospital में हालात का जायजा लेने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पीबीएम अस्पताल का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। एक मृतका का शव पिछले तीन दिनों से मोर्चरी में रखा हुआ है और परिजन कांग्रेस नेताओं के साथ धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
गायत्री राठौड़ के दौरे को सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बीकानेर से पहले कोटा और जोधपुर के सरकारी अस्पतालों में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और उपचार व्यवस्थाओं पर सवाल उठ चुके हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रदेश की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट ली। मीडिया के सवालों में बार-बार यह मुद्दा उठाया गया कि आखिर प्रदेश के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में एक जैसे मामले क्यों सामने आ रहे हैं। इस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि विभाग तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगा।
उधर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीज सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीकानेर, कोटा और जोधपुर की घटनाएं अलग-अलग नहीं बल्कि स्वास्थ्य तंत्र की व्यापक खामियों की ओर इशारा करती हैं।