Bikaner : अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सम्मानित नर्मदा देवी नहीं रहीं
RNE Network.
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राजस्थान निर्वाचन आयोग द्वारा 103 वर्षीय नर्मदा देवी का बीकानेर जिलाधीश, एवं एसडी एम द्वारा कई बार सम्मानित किया गया । यह सम्मान पत्र राजस्थान मुख्य निर्वाचन अधिकारी आई .ए.एस जयपुर द्वारा किया गया । यह सम्मान देश के निर्वाचन प्रक्रिया में श्रीमती नर्मदा देवी के निरंतर योगदान राष्ट्र के प्रति लोकतांत्रिक कर्तव्यों को पूरा करने के लिए दिया गया था ।
उम्र में शतक का आंकड़ा पार कर चुकी श्रीमती नर्मदा देवी ने 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन बंटवारे के स्मरण सुनाती थी, तो वह काँप उठती थी। आँखें भर आती थी । देश के बंटवारे की पीड़ा का जीवन दृश्य आज भी उन्हें का कंपा देता था । देश के विभाजन के समय उनके ससुर छुट्टन लाल शर्मा गुड्स अधिकारी थे । उस समय बटवारे की आग धधक रही थी तब लोगों ने रेलवे क्वाटर और स्टेशन को घेर लिया था तो उनके ने ससुर ने मालगाड़ी के डिब्बे में छिपकर जान बचाई थी और स्वयं उस समय घण्टो तक घुसखाने में बंद रही थी ।
उन्होंने बताया कि पहले चुनाव से ही मैने वोट देना शुरू किया था , उम्र के सत्तर के पड़ाव के बाद चुनाव में कई परिवर्तन देखें ,पहले नेताओं के मीटिंग में मुद्दे होंते थे , परन्तु अब एक दूसरे की टांग - खिंचाई हो रही है । चुनावी माहौल की पुरानी यादों में खोते हुए, नर्मदा देवी ने कहा 60-70 के दशक में हुए चुनावी माहौल का नज़ारा ही कुछ और था । पक्ष -विपक्ष में होने के बाद भी लोगो मे घनिष्ठता की कमी नही थी । गीत - कविताओं से चुनावी माहौल बनता था , अब चुनावी माहौल ही बदल गया है ।
यह सब बताने वाली 103 वर्षीय नर्मदा देवी हमारे बीच नहीं रही। वह अपने पीछे भरा- पूरा परिवार छोड़ कर गई है। बीकानेर ब्राह्मण समाज की वयोवृद्ध श्रीमती नर्मदा देवी के निधन से ब्राह्मण समाज में शोक की लहर दौड़ गई। आज बीकानेर ब्राह्मण समाज एवं अन्य गण मान्य लोगो ने नम आँखों से नर्मदा देवी को विदायी दी।