पोक्सो में एक मामले में विशेष अदालत सेशन न्यायालय (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) संख्या 02, बीकानेर ने आरोपी जयप्रकाश को दोषमुक्त कर दिया है
RNE Bikaner
दिनांक पोक्सो में एक मामले में विशेष अदालत सेशन न्यायालय (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) संख्या 02, बीकानेर ने आरोपी जयप्रकाश को दोषमुक्त कर दिया है, अदालत ने मामले में गवाह के बयानों में विरोधाभास, घटनास्थल को लेकर अस्पष्टता और जांच में कई महत्वपूर्ण कमियाँ पाए जाने को अहम माना, आरोपी पीड़ित, गरीब एवं वंचित होने के कारण प्रकरण में पैरवी के लिए निःशुल्क विधिक सहायता के लिए अध्यक्ष / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर को आवेदन किया गया। उक्त प्रकरण में पैरवी के लिए चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल मनोज सुरोलिया को अधिकृत किया। मामला नवम्बर 2022 को जिले के नोखा पुलिस थाना में दर्ज किया गया। मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की गई। सुनवाई के दौरान प्रकरण में स्वतंत्र गवाह और जरूरी साक्ष्य भी सामने नहीं आए। पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने की बात भी सामने आई। बचाव पक्ष ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को संदिग्ध बताया।
अदालत ने माना कि प्रकरण में साक्ष्य के अभाव होने के कारण अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। उक्त प्रकरण में जिले में कार्यरत लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री मनोज सुरोलिया ने बताया कि गरीब असहाय बंदियो के लिए वरदान साबित हो रहा है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर के तहत संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम।
यह भी बताया कि अन्य अदालतों से भी गरीब असहाय बंदियों को पैरवी के लिए प्राधिकरण के पास काउंसिल नियुक्त करने के लिए जेल क्लिनिक से पत्र आ रहे है जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल को पैरवी के लिए निःशुल्क नियुक्त किया जा रहा है। जिसका बेखुबी से लाभ मिल रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य होने से गरीब बंदियों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल निश्चित तौर पर वरदान साबित हो रहा है। इसलिए निःशुल्क पैरवी के लिए गरीब, असहाय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र पेश कर लाभ प्राप्त कर सकते है एवं निःशुल्क टोल फ्री नं० 15100 पर भी कानूनी सहायता / सलाह प्राप्त कर सकते है।