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पर्यावरण और पशुधन संरक्षण के लिए गोचर भूमि व खेजड़ी बचाना जरूरी – राहुल जादुसंगत

 

RNE Network.

बीकानेर युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल जादुसंगत ने गोचर भूमि बचाओ आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि गोचर भूमि बीकानेर के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह भूमि न केवल गाय माता के संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि अनेक पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास भी है।
 

उन्होंने कहा कि गोचर भूमि समाप्त होने से हजारों पेड़-पौधे नष्ट हो जाएंगे, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा। आज की पीढ़ी का यह कर्तव्य है कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए गोचर भूमि का संरक्षण किया जाए।
 

राहुल जादुसंगत ने माननीय मुख्यमंत्री से मांग की कि गोचर भूमि को लेकर शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए तथा अन्य उपयोग से पूर्णतः बाहर रखा जाए। जादुसंगत ने कहा की धर्मनगरी बीकानेर में शरहनथानिया, गंगाशहर, सूजानदेसर, उदयरामसर इत्यादि परिक्षेत्र में लगभग 40000 बीघा गोचर की भूमि तत्कालीन महाराजा से रियासत काल में दानदाताओं के द्वारा क्रय करके गोचर के निमित्त छोड़ी थी। उस समय  इन भामाशाहों ने  घोषणा करके कहा कि जब तक सूर्य चंद्र और तारे रहेंगे तब तक यह भूमि अक्षर गौ माता के चरण के निमित्त सुरक्षित रहेगी इसका कोई अधिग्रहण नहीं कर सकता है
 

इसके साथ ही खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत उन्होंने कहा कि खेजड़ी वृक्ष राजस्थान की पहचान है। इसके संरक्षण हेतु राज्य में कठोर कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर सख्त रोक लग सके।

राहुल जादुसंगत
पूर्व अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, बीकानेर