{"vars":{"id": "127470:4976"}}

Kolkata : तारातला इलाके निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 40-45 मजदूर मलबे में दबे होने की आशंका,  रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 

RNE Kolkata. 

पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम (वेयरहाउस) की छत और लोहे का ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। आशंका है कि 40 से 45 लोग मलबे के नीचे दब गए हैं। घटना दोपहर करीब 12 बजे ब्रेस ब्रिज के पास स्थित निर्माणाधीन गोदाम में हुई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान ढांचे का एक हिस्सा अस्थिर होकर गिर गया। बताया जा रहा है कि मजदूर उसे दोबारा खड़ा करने और जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच पूरा टिन और लोहे का विशाल ढांचा अचानक ढह गया और कई मजदूर उसके नीचे दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रमिक गोदाम के भीतर मौजूद थे। कुछ मजदूर कार्यालयनुमा हिस्से में भी बैठे हुए थे।

राहतकर्मी जुटे, मिल रहे घायल : 

हादसे के बाद गोदाम का पूरा क्षेत्र लोहे के बीम, टिन शीट और निर्माण सामग्री के मलबे में तब्दील हो गया। राहतकर्मियों को कई मजदूर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले हैं। कुछ लोगों के हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। मौके से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (DMG) और सेना की सहायता टीमें मौके पर पहुंच गईं।

मलबा हटाने के लिए भारी क्रेन, गैस कटर और अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है। लोहे के बड़े-बड़े बीम काटकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा मलबा नहीं हट जाता, तब तक अंदर फंसे लोगों की वास्तविक संख्या और हताहतों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।

हेल्पलाइन नंबर जारी : 

पश्चिम बंगाल सरकार ने लोगों की सहायता के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आप हेल लाइन नंबर 1070, 8697981070, 033-22143526, 033-22535185 पर जानकारी ले सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालना है। बचाव अभियान लगातार जारी है और देर शाम तक मृतकों तथा घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।