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PBM Hospital Bikaner में कोटा हॉस्पिटल जैसी घटना: 06 प्रसूताओं की डायलिसिस, एक गंभीर, चिकित्सा मंत्री अलर्ट

 
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से खतरे की आशंका, खेप रोकी, नागौर से दूसरे इन्जेक्शन मंगवाए
RNE Bikaner
राजस्थान में कोटा मेडिकल कॉलेज प्रकरण के बाद अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। अस्पताल में भर्ती 6 प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने के बाद डायलिसिस शुरू की गई है जबकि एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और उच्च स्तरीय बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की है।
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की खेप रोकी
प्रारंभिक जांच में कारण स्पष्ट नहीं होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन प्रसव के दौरान उपयोग किए जाने वाले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की मौजूदा खेप का उपयोग रोक दिया है। पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि नागौर से वैकल्पिक इंजेक्शन मंगवाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीकानेर की घटना को सीधे कोटा प्रकरण से जोड़ना उचित नहीं होगा, क्योंकि सभी मामले सिजेरियन डिलीवरी से संबंधित नहीं हैं। एक महिला की सामान्य डिलीवरी हुई थी, जबकि एक अन्य प्रसूता का प्रसव किसी अन्य अस्पताल में हुआ था और बाद में उसे पीबीएम लाया गया। एक मरीज को पहले से लीवर संबंधी बीमारी भी थी।
10-15 दिन में सामने आए मामले
जानकारी के अनुसार पिछले 10 से 15 दिनों के दौरान जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं में अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने लगीं। मरीजों में यूरिन रुकना, प्लेटलेट्स कम होना, अत्यधिक रक्तस्राव, किडनी फेल होना और मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन जैसी जटिलताएं देखी गईं। नेफ्रोलॉजी विभाग और आईसीयू की टीम लगातार इन मरीजों की निगरानी कर रही है।
एक महिला वेंटिलेटर पर
फालोदी निवासी प्रीति (20) की हालत सबसे गंभीर बताई जा रही है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के कारण प्रसव के बाद उसे दौरे पड़े, जिसके बाद किडनी और अन्य अंग प्रभावित हुए। अन्य प्रभावित महिलाओं में तारा देवी (27), शारदा (26), राहिला (19) और इमरती (20) शामिल हैं। सभी की उम्र 20 से 27 वर्ष के बीच है।
जांच के घेरे में संक्रमण और अन्य कारण
डॉक्टर्स का कहना है कि किडनी फेल होने का कारण केवल संक्रमण नहीं हो सकता, अत्यधिक रक्तस्राव भी इसकी वजह बन सकता है। सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) के कई कारण हो सकते हैं। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। 
कोटा प्रकरण से बढ़ी चिंता
उल्लेखनीय है कि करीब एक माह पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की किडनी फेल होने और पांच महिलाओं की मौत का मामला सामने आया था। जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे, जिसके बाद संबंधित कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। ऐसे में बीकानेर में सामने आए ताजा मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।