डॉ. ज़फ़र हैदरी के सानिध्य में साहित्यिक सत्र, साहित्य, कला जगत ने सम्मान समारोह भी आयोजित किया
RNE Bikaner.
बीकानेर शहर आरंभ से ही साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक सशक्त केंद्र रहा है। आज़ादी के समय से लेकर अब तक इस नगर ने साहित्य, आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता की एक समृद्ध परंपरा कायम रखी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कश्मीर यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर एवं उर्दू पत्रिका हकीम-उल-उम्मत के संपादक डॉ. ज़फ़र हैदरी के बीकानेर आगमन पर एक साहित्यिक सत्र एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम अस्मत अमीन सभागार, अमर सिंह पुरा, बीकानेर में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर गुलाम मोहिउद्दीन माहिर ने की, जबकि मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी विजय शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुफ़्ती सद्दाम हुसैन क़ासमी एवं नदीम अहमद नदीम उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में नूरुल हसन मदनी, अब्दुल रऊफ राठौर, इमरोज़ नदीम, अरमान नदीम तथा आज़िम हुसैन , शेर मोहम्मद सहित अनेक साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। साहित्यिक सत्र के दौरान उर्दू अदब, रंगमंच और समकालीन सामाजिक सरोकारों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई।
अंत में डॉ. ज़फ़र हैदरी का राजस्थानी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया और उन्हें साहित्यकारों की पुस्तकों का संग्रह भेंट किया गया। इस अवसर पर नूरुल हसन मदनी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद उस्मान आरिफ द्वारा लिखित पुस्तकों का एक महत्वपूर्ण सेट डॉ. ज़फ़र हैदरी को भेंट किया। कार्यक्रम के समापन पर अब्दुल रऊफ राठौर ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया ।