Lunkaransar : चुनाव से पहले वीरेन्द्र बेनीवाल ने दिखाई ताकत, कार्यकर्ताओं से बोले-शीर्ष नेतृत्व के सामने मजबूती से कार्यकर्ता की बात रखेंगे
Rudra News Express Lunkaransar-Bikaner.
राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच लूणकरणसर की सियासत में पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेन्द्र बेनीवाल ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया है। सोमवार को लूणकरणसर के भीमसेन चौधरी पार्क में बेनीवाल के नेतृत्व में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक पहुंचे।
बैठक में उमड़ी भीड़ ने स्थानीय चुनावों से पहले लूणकरणसर की राजनीतिक तस्वीर को दिलचस्प बना दिया है। खास बात यह है कि लूणकरणसर और नापासर नगर पालिका चुनावों के बाद पंचायत चुनाव भी होने हैं। ऐसे में बेनीवाल की सक्रियता को कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
एक तस्वीर, कई राजनीतिक संकेत :
लूणकरणसर में सोमवार की बैठक में जिस तरह बड़ी संख्या में लोग जुटे, उसने कांग्रेस के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। बेनीवाल का क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव और व्यक्तिगत जनाधार रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल का टिकट काटकर युवा नेता राजेन्द्र मूंड को मैदान में उतारा था। इसके बाद बेनीवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। वे चुनाव जीत नहीं सके, लेकिन उन्हें मिले वोटों ने कांग्रेस के चुनावी समीकरण को प्रभावित किया और पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
अब बेनीवाल कांग्रेस में वापस हैं और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले उनकी सक्रियता को पार्टी के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं माना जा रहा।
टिकट के सवाल पर बेनीवाल का बड़ा संदेश :
बैठक में वीरेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि आगामी स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर संपर्क कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
उम्मीदवारों के चयन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी और कार्यकर्ताओं की भावनाओं एवं सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यकर्ताओं की राय को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
राजनीतिक तौर पर इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निकाय और पंचायत चुनावों में स्थानीय स्तर पर टिकट वितरण ही सबसे बड़ा समीकरण तय करता है।
भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति :
बेनीवाल ने कार्यकर्ताओं से भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के बीच मजबूती से रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और उनकी मेहनत से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा सकता है।
पूर्व पंचायत समिति प्रधान गोविंद राम गोदारा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ता :
बैठक में क्रय-विक्रय समिति लूणकरणसर के अध्यक्ष मूलाराम कलकल, उपाध्यक्ष पृथ्वी सिंह, पूर्व अध्यक्ष लादूराम थालौड़, शायर सिंह सांखला, अल्पसंख्यक ब्लॉक अध्यक्ष महबूब खान, नगर अध्यक्ष शंकर नाथ गॉड, पूर्व पंचायत समिति सदस्य किशोर रेगर, पूर्व मंडल अध्यक्ष रतनलाल बांठिया, पूर्व सरपंच भूर सिंह बीका, सुनील डागा, हेतराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों, पूर्व सरपंचों, पार्षदों, महिला एवं युवा कांग्रेस पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
चुनाव से पहले बेनीवाल फैक्टर की चर्चा :
लूणकरणसर में सोमवार की बैठक के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यही माना जा रहा है कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में वीरेन्द्र बेनीवाल फैक्टर को कांग्रेस नजरअंदाज नहीं कर सकती। विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने और अब दोबारा कांग्रेस में लौटने के बाद बेनीवाल ने जिस तरह क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई है, उससे स्थानीय राजनीति में उनकी भूमिका फिर महत्वपूर्ण होती दिखाई दे रही है।
अभी विधानसभा चुनाव दूर हैं, लेकिन उससे पहले होने वाले पालिका और पंचायत चुनाव लूणकरणसर में कांग्रेस के लिए बेनीवाल के प्रभाव और संगठन में उनकी स्वीकार्यता का एक बड़ा राजनीतिक टेस्ट साबित हो सकते हैं। सोमवार की बैठक में उमड़ी भीड़ ने कम से कम इतना संकेत जरूर दिया है कि लूणकरणसर की चुनावी राजनीति में वीरेन्द्र बेनीवाल को नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।