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Rudra News Express कार्यालय में ममू महाराज ने ध्वजारोहण किया, मधु आचार्य ने कर्तव्य बताएं, आर.के.सुतार बोले-राष्ट्र प्रथम
 

 

Rudra News Express Bikaner. 

स्वाधीनता दिवस के मौके पर अंबाश्रम स्थित रूद्रा न्यूज एक्सप्रेस कार्यालय मंे प्रख्यात ज्योतिर्विद राजेन्द्र व्यास ‘ममू महाराज’ ने ध्वजारोह किया। इस मौके पर व्यास ने ज्योतिषीय और शास्त्रीय गणनाओं का जिक्र करते हुए कहा, आजादी का दिन राष्ट्र के पुनरोदय का दिन होता है। ऐसे मंे इसे किसे देश के जन्मदिन की तरह भी देखा जा सकता है। आजादी के जब 80 वर्ष हो रहे हैं तो यह कह सकते हैं कि हमारी स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इसे अक्षुण्ण बनाए रखने की समझ परिपक्व हो रही है।

पत्रकार साहित्यकार मधु आचार्य आशावादी ने कहा, आजादी का मतलब सिर्फ अधिकार नहीं होते इसके साथ कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी आती है। जब हम अपने अधिकारों के लिए संघर्ष या मांग कर रहे होते हैं तब हमें यह भी देखने होगा कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों का निर्वहन कितना कर पाते हैं।

ख्यातनाम वास्तुशास्त्री एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार आर.के.सुतार ने इस दिन को उत्सव के साथ ही आत्मावलोकन करने का अवसर बताया। सुतार ने कहा, राजनीतिक विवशताएं और महत्वाकांक्षाओं के दौर में भी ‘राष्ट्र प्रथम’ को मूल मंत्र मानने से ही देश, समाज, व्यक्ति सभी का भला हो सकेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के आज के तनावभरे वैश्विक माहौल में भारत अन्य देशों की तुलना में ज्यादा मजबूती और आत्मविश्वास से खड़ा है। यह खुशी और गर्व की बात है।

साहित्यकार-कैरियर काउंसलर नगेन्द्र नारायण किराड़ू ने कहा, आजादी महज एक भू-भाग पर सत्ता परिवर्तन नहीं वरन एक राष्ट्रीय सोच विकसित होने में हैं। पाश्चात्य या कथित विकसित देशों का अनुसरण करने की बजाय अपनी वास्तविकताओं का मूल्यांकन करते हुए सांस्कृतिक पहचान को जिंदा रखना जरूरी है।

जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर योगेन्द्र तिवाड़ी ने कहा, यह वैश्विक संक्रमण काल है। इस दौर में विकसित और समर्थ राष्ट्र बनने की दिशा मंे आर्थिक स्थिर रह पाना भी बड़ी चुनौती है। खुशी की बात है कि देश इस पैमाने पर खरा उतर रहा है और लगातार आगे भी बढ़ रहा है। 

पश्चिम बंगाल से आए सीएस शरद मल्ल ने कहा, नई पीढ़ी मंे जोश है जिसे सही दिशा मिल जाए तो देश और व्यक्तिगत विकास में काफी तेजी आ सकती है। उन्होनंे एंटरप्रेन्योरशिप और उत्पादकता के नए स्रोतों की तरफ बढ़ने की जरूरत जताई। बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े गौतम वर्मा ने कहा, जरूरत इस बात की है कि आजादी का महत्व आने वाली पीढ़ी भी उसी गंभीरता से समझें जितनी गंभीरता से हमारी पहली पीढ़ी ने समझा। नई पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए कि कितने बलिदानों के बाद यह अवसर आया है।

केन्द्रीय वाणिज्यिक कर निरीक्षक कुणाल हर्ष ने पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के सूत्र साझा करते हुए कहा, अंतिम लक्ष्य सरकारी जॉब पाना नहीं होना चाहिए। कई बार इसमें असफल होने पर युवा हताश होते हैं। 
आयोजन में RNE के संपादक धीरेन्द्र आचार्य, फार्मा इंडस्ट्री से जुड़े रामकुमार आचार्य, कांग्रेस नेता अशोक आचार्य ‘मद्रासी’, आरएनई टीम के दीपक रामावत, चिरंजीवी आचार्य, बाबू किरायत आदि मौजूद रहे। RNE के अभिषेक आचार्य ने आभार माना।