20 किमी तक में स्कूलों में पहुंचता है मिड-डे मील, महिला अधिकारी ने अचानक पहुंचकर देखी रोटी से पैकिंग तक की पूरी व्यवस्था
Rudra News Express Bikaner.
बीकानेर की इस रसोई में रोज क्या होता है? खाना कैसे बनता है, सफाई कैसी रहती है और बच्चों तक पहुंचने से पहले भोजन की गुणवत्ता कैसे परखी जाती है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे मंगलवार को डाइट परिसर स्थित अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीयकृत रसोई में अचानक पहुंचीं।
यह वही रसोई है, जहां तैयार होने वाला मिड-डे मील जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित 225 सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया जाता है।
मशीन से बनती हैं रोटियां, बड़े पैमाने पर तैयार होता है खाना :
औचक निरीक्षण के दौरान शैलजा पांडे ने रसोईघर में भोजन बनने की पूरी प्रक्रिया देखी। उन्होंने स्वचालित रोटी मेकर से रोटियां तैयार होने की प्रक्रिया का जायजा लिया। इसके साथ ही दाल, सब्जी और चावल बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और व्यवस्थाओं को भी देखा।
उन्होंने तैयार भोजन की पैकिंग और उसे स्कूलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी भी ली, ताकि भोजन सुरक्षित और निर्धारित समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचे।
स्टोर रूम से किचन तक परखी सफाई :
सीईओ ने खाद्य सामग्री के भंडारण, रसोईघर की साफ-सफाई और भोजन निर्माण में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई के अधिकारियों और कर्मचारियों से रोजाना की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोई में काम करने वाली महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं से उनके काम, दैनिक गतिविधियों और रसोईघर में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा।
फिलहाल सब व्यवस्थित लेकिन सावधानी रखें:
निरीक्षण के दौरान सामग्री के भंडारण, साफ-सफाई और भोजन निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारू एवं व्यवस्थित पाई गईं। शैलजा पांडे ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों को लगातार बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों तक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाना महत्वपूर्ण है और इसके लिए पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
इस दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार शर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा किशन दान चारण भी मौजूद रहे।
225 स्कूलों तक पहुंचता है यहां का खाना :
अक्षय पात्र की यह केंद्रीयकृत रसोई जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले 225 सरकारी स्कूलों के लिए मिड-डे मील तैयार कर सप्लाई करती है। यानी एक ही रसोई से तैयार भोजन रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की थाली तक पहुंचता है।