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निकाय चुनाव : पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ बीकानेर आए, भाजपा पार्षदों से बात की, समझाईश की, बाड़ाबंदी में रुके और चूरू चले गये

 

 

 

 

मेयर के लिए आज मतदान होना है। 2 बजे तक मतदान होगा और उसके बाद मतगणना की जाकर परिणाम घोषित कर दिया जायेगा। मतदान से एक दिन पहले रविवार को मेयर चुनाव के परिपेक्षय में अनेक राजनीतिक घटनाएं हुई, जिनका आज मतदान पर असर पड़ेगा या नहीं, यह देखने वाली बात है।

 

मधु आचार्य ' आशावादी '

भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष कल दोपहर में थोड़ी देर के लिए बीकानेर आये। उनकी एंट्री की चर्चा दो दिन से राजनीतिक माहौल को गर्म किये हुए थी। राठौड़ कल जयपुर से रवाना होकर सीधे बीकानेर आये और थोड़ी देर भाजपा पार्षदों की बाड़ेबंदी में रुके।

बताया जाता है कि उन्होंने अपने अल्प समय में भाजपा के पार्षदों से मूल रूप से बात की। भाजपा के 27 पार्षद चुनाव जीते हैं। कहा यह भी जा रहा था कि कुछ उनमें से थोड़े नाखुश थे। राठौड़ ने सभी भाजपा पार्षदों से बात की, समझाईश की। वे बाड़ेबंदी में बैठे निर्दलीय पार्षदों से भी मिले। सभी को पार्टी के लिए समर्पित रहने की सीख उन्होंने दी। थोड़ी देर रुकने के बाद वे वापस बीकानेर से चूरू के लिए रवाना हो गए। राठौड़ की एंट्री के असर का पता आज मतगणना के बाद चलेगा।

लौट आये जैसलमेर से कांग्रेस पार्षद

कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी जैसलमेर में की थी। पार्टी के 42 पार्षद चुनाव जीते हैं और कुछ निर्दलीय भी उनके साथ होने का दावा है। इन सभी को बाड़ेबंदी में जैसलमेर रखा गया था। जिनकी जिम्मेवारी दिग्गज कांग्रेस नेता डॉ बी डी कल्ला के विश्वसनीय लोगों व परिवार के सदस्यों ने संभाल रखी थी।

पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा के निर्देश पर कल नोखा विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी व देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग भी पार्षदों के पास जैसलमेर पहुंचे। पार्षदों को डूडी, सियाग के अलावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल ने संबोधित किया। विधायक सुशीला डूडी व सियाग शाम को वापस बीकानेर लौट आये। वहीं कांग्रेस के पार्षद भी कड़ी सुरक्षा के बीच रात को बीकानेर पहुंच गये।

भाजपा की कमान सुरेंद्र कांग्रेस की कमान कल्ला के पास

भाजपा की पूरी कमान उम्मीदवार डॉ सुरेंद्र सिंह शेखावत ने व उनकी खुद की टीम ने संभाल रखी है। अन्य कोई बड़ा भाजपा नेता सक्रिय दिखाई नहीं दिया है। पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद से ही सभी नेता दूसरी जगह सक्रिय हो गए। केवल राजेन्द्र राठौड़ कल जरूर आये। बाकी कोई भी विधायक यहां सक्रिय नहीं दिखा। 

कमोबेश यही स्थिति कांग्रेस की थी। पीसीसी ने डॉ बी डी कल्ला को फ्री हैंड देकर सारी जिम्मेदारी उनको ही सौंप दी। उनके साथ नोखा विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग, शहर कांग्रेस कोषाध्यक्ष मनीष पुरोहित ' नटसा ' को रखा। अब बताते हैं, उप महापौर का नाम तय करने के लिए प्रदेश कांग्रेस से पर्यवेक्षक आयेगा।