बीकानेरी कला संस्कृति को नई पहचान देने वाले एन डी रंगा का हुआ सम्मान
RNE Bikaner
बीकानेर, 18 अगस्त। मुक्ति संस्था द्वारा वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी एन.डी. रंगा का नागरिक अभिनंदन ब्रह्म बगीचा परिसर में किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष रोटरी क्लब के पूर्व प्रांतपाल राजेश चूरा थे। उन्होंने कहा कि बीकानेर कला, संस्कृति और साहित्य की नगरी है। यहां प्रतिभाओं की खान है। एनडी रंगा इसी परम्परा से आते हैं, जिन्होंने बीकानेरी संस्कृति को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को इससे सीख लेनी चाहिए।
मुक्ति संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हीरालाल हर्ष ने कहा कि कला और साहित्य की गतिविधियां हमारे मन और मस्तिष्क में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। एनडी रंगा इनके संवाहक रहे हैं। उन्होंने कहा कि रंगा ने सखा संगम सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से इन गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डाॅ. हरि शंकर आचार्य ने कहा कि आज के भागदौड़ भरे वक्त में, कला-संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को संरक्षित रखते हुए इन्हें प्रोत्साहित करना चुनौती है। ऐसे में रंगा जैसे व्यक्तियों के प्रयासों को सदैव सराहा जाएगा।
समारोह के विशिष्ट अतिथि
एसीटीओ डाॅ. रामलाल पड़िहार ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ऐसे व्यक्तियों के कारण समृद्ध है, जो सदैव इन्हें प्रोत्साहित करने में जुटे रहते हैं। इन्हें प्रोत्साहित करना समाज का दायित्व है।
एनडी रंगा ने कहा कि कला, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के संचालन में उन्हें समाज का भरपूर सहयोग मिला है। साथ ही समाज ने समय-समय पर मान-सम्मान भी दिया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भी उनके लिए अनमोल है, जो कि दायित्व बोध करवाएगा।
कार्यक्रम संयोजक तथा वरिष्ठ कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि मुक्ति संस्था द्वारा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसी श्रृंखला में अतिथियों ने अभिनंदन पत्र, शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर एनडी रंगा का नागरिक अभिनंदन किया गया।
अभिनंदन पत्र का वाचन गीतकार राजाराम स्वर्णकार ने किया। इस दौरान सोहन लाल जोशी, पूर्व पार्षद हजारी देवड़ा, लघु कथाकार अशफाक कादरी एवं गीतकार रफीक मोहम्मद कादरी ने विचार रखे। राम निवास अग्रवाल ने आभार जताया।
कार्यक्रम में डॉ.अजय जोशी, तोलाराम पेड़ीवाल, बृज गोपाल जोशी, सुभाष चंद्र, दिनेश चूरा, शिवकुमार पुरोहित, नागेश्वर जोशी, भवानीशंकर रंगा, मुरलीमनोहर पुरोहित, सहित अनेक महानुभाव उपस्थित हुए।
इस दौरान अनेक महानुभाव मौजूद रहे।