{"vars":{"id": "127470:4976"}}

NEET: बीकानेर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कोटगेट पर फूंका केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला

 

RNE Bikaner.

 देशभर में NEET परीक्षा रद्द होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीकानेर में शहर और देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से कोटगेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने को केंद्र सरकार की “सबसे बड़ी शैक्षणिक विफलता” बताते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व शहर जिलाध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “भाजपा सरकार जवाब दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। कोटगेट क्षेत्र कुछ समय के लिए राजनीतिक नारों और विरोध प्रदर्शन से गूंज उठा।

मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक होना और बाद में परीक्षा रद्द करना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार युवाओं के विश्वास को तोड़ रही है और अब छात्रों तथा अभिभावकों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठने लगा है।

कांग्रेस सह-प्रभारी मुश्ताक खान ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा दी थी, लेकिन सरकार की लापरवाही ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। प्रदेश महासचिव हाजी जिया उर रहमान आरिफ ने इसे युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पीसीसी सदस्य एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी यशपाल गहलोत ने कहा कि भाजपा शासन में भर्ती परीक्षाओं से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था तक लगातार अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस नेता नितिन वत्सस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, मंडल इकाइयों और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।