Bikaner Mayor के लिए कोई आरक्षण नहीं, नापासर में SC महिला, देशनोक, श्रीडूंगरगढ़ में सामान्य सीट
Rudra News Express Bikaner.
प्रदेश में आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए गुरुवार को हुई आरक्षण लॉटरी के बाद बीकानेर जिले की नगरीय राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है। बीकानेर नगर निगम के महापौर पद को अनारक्षित यानी ओपन श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि किसी भी वर्ग का महिला या पुरुष दावेदार मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। मेयर की सीट सामान्य होने से शहर की राजनीति में अब कई दिग्गजों के चुनावी मैदान में उतरने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
जाने कहां, कौन:
जिले की अन्य नगरीय निकायों में भी अध्यक्ष पदों के आरक्षण की स्थिति तय हो गई है। नोखा, खाजूवाला और लूणकरणसर में अध्यक्ष पद OBC सामान्य के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं नापासर में अध्यक्ष पद SC महिला, जबकि देशनोक और श्रीडूंगरगढ़ में सीट सामान्य यानी अनारक्षित रहेगी।
नोखा में OBC को मौका, 45 वार्डों में बनेगा नया समीकरण :
नोखा नगर पालिका अध्यक्ष पद OBC ओपन के लिए आरक्षित किया गया है। यानी OBC वर्ग के महिला या पुरुष दावेदार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे। नोखा नगरपालिका में कुल 45 वार्ड हैं।
पिछले निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए था। उस समय विकास मंच का बोर्ड बना था और नारायण झंवर अध्यक्ष चुने गए थे। अब OBC आरक्षण के बाद नोखा की स्थानीय राजनीति में नए दावेदारों के सामने आने की संभावना है।
नापासर में SC महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित :
नापासर नगर पालिका अध्यक्ष पद SC महिला के लिए आरक्षित किया गया है। नापासर में कुल 25 वार्ड हैं और नगर पालिका में कुल 20,240 मतदाता हैं।
पिछले साल नापासर में सरपंच पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। उस चुनाव में सरला देवी तावनिया निर्दलीय सरपंच चुनी गई थीं। बाद में नापासर को नगरपालिका बनाए जाने के बाद वे करीब एक वर्ष तक नगरपालिका अध्यक्ष भी रहीं।
अब अध्यक्ष पद SC महिला के लिए आरक्षित होने से नापासर में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलेंगे। वार्ड स्तर पर उम्मीदवारों के चयन से लेकर अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी तक इसका सीधा असर दिखाई देगा।
लूणकरणसर में OBC सामान्य, 35 वार्ड :
लूणकरणसर नगरपालिका अध्यक्ष पद भी OBC सामान्य के लिए आरक्षित हुआ है। नगरपालिका में कुल 35 वार्ड हैं। लूणकरणसर को 7 नवंबर 2024 को ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनाया गया था।
इससे पहले ग्राम पंचायत के चुनाव में भंवरी देवी सरपंच बनी थीं। नगरपालिका बनने के बाद वे अध्यक्ष बनीं। अब OBC सामान्य आरक्षण के कारण आगामी चुनाव में नए दावेदारों के लिए रास्ता खुलेगा।
खाजूवाला भी OBC, देशनोक-श्रीडूंगरगढ़ सामान्य :
खाजूवाला नगरपालिका अध्यक्ष पद भी OBC सामान्य के लिए आरक्षित किया गया है। खाजूवाला और लूणकरणसर दोनों नई नगर पालिकाएं हैं, इसलिए इन दोनों जगहों पर पहली नियमित नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया में आरक्षण खास महत्व रखेगा।
वहीं देशनोक और श्रीडूंगरगढ़ में अध्यक्ष पद सामान्य यानी अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। यहां किसी भी जाति के महिला या पुरुष दावेदार चुनाव लड़ सकते हैं।
80 वार्ड वाला बीकानेर निगम, मेयर पद पर बढ़ेगी दावेदारी :
बीकानेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। पिछले बोर्ड में भाजपा का बोर्ड बना था और सुशीला राजपुरोहित मेयर बनी थीं। अब मेयर पद अनारक्षित होने से भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों में दावेदारों की संख्या बढ़ सकती है।
आरक्षण की बाध्यता नहीं होने के कारण अब पार्टी नेतृत्व के सामने जातीय आरक्षण के बजाय राजनीतिक प्रभाव, संगठन में पकड़, वार्ड स्तर की स्वीकार्यता और चुनावी समीकरण जैसे मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे।
जिले में 17.50 लाख से ज्यादा मतदाता :
2026 की नवीनतम विशेष मतदाता सूची के अनुसार बीकानेर जिले में कुल 17,50,408 मतदाता हैं। इनमें 9,24,743 पुरुष, 8,25,649 महिलाएं और 16 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
निकायों के अध्यक्ष और मेयर पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब राजनीतिक दलों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। खासकर बीकानेर नगर निगम की अनारक्षित मेयर सीट और OBC आरक्षित नगर पालिकाओं में टिकट की दौड़ पर सभी की नजर रहेगी।