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डूडी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने फूंका पंचायत राज चुनाव का बिगुल, डोटासरा बोले-जीत ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि
 

जूली ने आज से चुनाव की तैयारी में जुटने का किया आह्वान

गोविंद राम मेघवाल बोले—हार से डूडी की टीम कमजोर होने का जाएगा संदेश
 

 
बीडी कल्ला ने बताया ‘किसान केसरी’, सुशीला डूडी हुईं भावुक
 

Rudra News Express Bikaner.

पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की प्रथम पुण्यतिथि पर बीकानेर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा कांग्रेस के पंचायत राज चुनाव अभियान के आगाज का मंच बन गई। उदयरामसर स्थित डूडी स्मारक पर जुटे प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने जहां डूडी के राजनीतिक संघर्ष, किसान हितों और बीकानेर के विकास में उनके योगदान को याद किया, वहीं पंचायत राज चुनाव में जीत हासिल करने का संकल्प भी सामने रखा। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ कहा कि पंचायतों में जीत हासिल करके ही रामेश्वर डूडी को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं से आज से ही चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया, जबकि पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने चुनावी हार को डूडी की टीम की कमजोरी से जोड़कर देखने की बात कही। 

पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने डूडी को ‘किसान केसरी’ बताते हुए उनके योगदान को याद किया। इस दौरान डूडी की पत्नी और नोखा विधायक सुशीला डूडी जनता के स्नेह का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं।

डोटासरा बोले -अपना-पराया छोड़ो, पार्टी प्रत्याशी को जिताओ

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि सभा को पंचायत राज चुनाव की तैयारियों से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर मैदान में उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में अपना-पराया छोड़कर पार्टी के लिए काम करना होगा। कांग्रेस जिसे भी टिकट दे, सभी कार्यकर्ताओं को उसे जिताने में जुटना चाहिए, ताकि पंचायत समितियों में प्रधान और जिला परिषदों में प्रमुख कांग्रेस के बनें।

डोटासरा ने बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस की जीत का उल्लेख करते हुए पंचायत राज संस्थाओं में भी सफलता हासिल करने का आह्वान किया। बोले-डूडी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका पंचायत चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने और सरकार के वादों को चुनावी मुद्दा बनाने की बात भी कही।

जूली बोले-आज से ही जुट जाएं, यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि :

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रामेश्वर डूडी के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी, जब कांग्रेस के कार्यकर्ता पंचायत राज चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे और जीत हासिल करेंगे। जूली ने किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर डूडी की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए डूडी ने विधानसभा में किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया था। उनके संबोधन में डूडी के संघर्ष और संगठन के प्रति समर्पण को चुनावी संकल्प से जोड़ने पर जोर रहा।

गोविंद राम मेघवाल की दो टूक- हारे तो "टीम डूडी" कमजोर:

पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने पंचायत राज चुनाव के परिणामों को रामेश्वर डूडी की राजनीतिक विरासत से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पंचायत चुनाव हारती है, तो इससे यह संदेश जाएगा कि डूडी की टीम कमजोर पड़ गई है।

मेघवाल ने बीकानेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस की लगातार हार का उल्लेख करते हुए पार्टी को आत्ममंथन करने की जरूरत भी बताई। उनके बयान ने श्रद्धांजलि सभा में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की कमजोरियों पर विचार करने का मुद्दा भी सामने रखा। उनका संदेश था कि डूडी को याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके साथ काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अपनी ताकत साबित करनी होगी।

बीडी कल्ला ने बताया ‘किसान केसरी’ :

पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने रामेश्वर डूडी को ‘किसान केसरी’ बताते हुए किसानों के हितों और बीकानेर के विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने डूडी के राजनीतिक जीवन और सार्वजनिक दायित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण काम किए।

सभा में डूडी की किसान राजनीति और ग्रामीण क्षेत्रों से उनके जुड़ाव को उनकी राजनीतिक पहचान के प्रमुख पक्षों के रूप में याद किया गया। पंचायत राज चुनाव को लेकर दिए गए संदेशों के बीच यह उल्लेख भी महत्वपूर्ण रहा कि डूडी की राजनीतिक जमीन ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के मुद्दों से गहराई से जुड़ी थी।

जनता के प्यार को देखकर भावुक हुईं सुशीला डूडी :सभा का भावुक क्षण तब आया, जब नोखा विधायक और रामेश्वर डूडी की पत्नी सुशीला डूडी ने जनता के स्नेह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब रामेश्वर डूडी घर पर समय नहीं दे पाते थे, तो वे नाराज होती थीं, लेकिन आज लोगों का प्यार देखकर एहसास होता है कि वे वास्तव में जनता के लिए ही बने थे।

उनकी बातों ने सभा में मौजूद लोगों को डूडी के सार्वजनिक जीवन के साथ उनके पारिवारिक पक्ष की भी याद दिलाई। श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसमूह उनके प्रति समर्थकों और कार्यकर्ताओं के जुड़ाव का प्रतीक बना।

श्रद्धांजलि सभा से निकला चुनावी संदेश :

रामेश्वर डूडी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित सभा में भावनात्मक स्मरण और राजनीतिक रणनीति साथ-साथ दिखाई दिए। डोटासरा ने अधिकृत प्रत्याशियों को जिताने और गुटबाजी से ऊपर उठने का संदेश दिया, जूली ने तत्काल चुनावी तैयारियों में जुटने की बात कही और गोविंद राम मेघवाल ने परिणामों को डूडी की टीम की राजनीतिक ताकत से जोड़कर देखा।