साहित्य अकादमियों को बजट देने की मांग, पवन पहाड़िया ने वित्त मंत्री दीया कुमारी को सौंपा ज्ञापन
RNE Network.
अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के संभागीय महामंत्री एवं नेम प्रकाशन डेह के पुरोधा पवन पहाड़िया ने प्रदेश की वित्त मंत्री दीया कुमारी से साहित्य अकादमियों को यथेष्ट बजट देने की मांग की है। पहाड़िया ने लिखे ज्ञापन में लिखा कि प्रदेश की साहित्य अकादमियां भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही भंग कर दी थी। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अकादमियों को बहाल नहीं किया गया है इससे प्रदेश के साहित्यकार दुःखी एवं क्षुब्ध हैं। प्रति वर्ष साहित्यकारों को मिलने वाली सहायता एवं पुरस्कार बंद पड़े हैं। प्रदेश में साहित्यिक शून्यता का वातावरण बना हुआ है।
जहां एक ओर भाजपा प्रदेश को चहुंमुखी विकास की ओर बढ़ा रही है। प्रदेश अपने लक्ष्य सिद्धि की ओर भाजपा के शासन में अबाध गति से अग्रसर हो रहा है। सरकार जन सुनवाई कर समस्याओं का निराकरण हाथों-हाथ करने के लिए कटिबद्ध है। शासन एवं प्रशासन में पारदर्शिता लाई जा रही है। बेरोजगार युवकों के लिए नौकरियों के दरवाजे खोल रही है ऐसे सुखद वातावरण में यदि साहित्यिक अकादमियां भंग रहती है तो सोने के भाल में तांबे की मेक के समान लग रहा है। सरकार का उद्देश्य सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्वे संतु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यंतु, मा कश्चिद दुःख भाग भवेत् की उक्ति पूर्णरूपेण सिद्ध होती नहीं नजर आ रही है। अतः आपसे आग्रहपूर्वक अनुरोध है कि अतिशीघ्र प्रदेश की सभी साहित्यिक अकादमियां बहाल कर उन्हें यथेष्ट बजट आवंटित करने का श्रेय एवं प्रेय कार्य कराएं ताकि प्रदेश में साहित्यिक सौहार्द बना रहे।