PBM Hospital : कैंसर वार्ड में भर्ती रोगी गायब, घरवाले कर रहे तलाश
RNE Bikaner-Suratgarh.
बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल स्थित आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर से एक मरीज के गायब हो जाने की खबर सामने आई है। लगभग 70 वर्षीय मरीज के गायब हो जाने से जहां हड़कंप मचा है वहीं घरवाले जगह-जगह तलाश कर रहे हैं। गायब हुए लगभग 36 घंटे हो जाने के बाद भी अब तक मरीज का पता नहीं चल पाया है।
हॉस्पिटल से गायब हुए मरीज के पौत्र दलीप नाथिया ने बताया कि उनके दादा प्रेमाराम पुत्र लखूराम सांसी को 26 मार्च को कैंसर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।
हालांकि उनकी तबीयत खराब थी लेकिन खाना-पीना हो रहा था। दो दिन इलाज के बाद 29 मार्च को रात लगभग 12 बजे वे अचानक हॉस्पिटल से गायब हो गए। तब से लगातार तलाश कर रहे हैं। अब तक 36 घंटे से ज्यादा उन्हें तलाश करते हुए हो गए हैं। लापता हुए 70 वर्षीय प्रेमाराम सांसी श्रीगंगानगर जिले की सूरतगढ़ तहसील में ठुकराना गांव के निवासी थे।
बाहर जाकर लौटे थे प्रेमाराम लेकिन दरवाजा बंद था:
आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर के सीसीटीवी फुटेज से जो स्थिति सामने आई है वह काफी हैरान करने वाली है। दरअसल आचार्य तुलसी कैंसर हॉस्पिटल में रात को लॉक रहता है। ऐसे में कोई बाहर नहीं जा सकता और बाहर से अंदर नहीं आ सकता। यह दरवाजा तभी खुलता है जब किसी गंभीर रोगी की देर रात को एंट्री होती है। सीसीटीवी के मुताबिक जिस रात प्रेमाराम गायब हुआ उस रात भी किसी गंभीर रोगी की एंट्री हुई थी। ऐसे में उसके लिए दरवाजा खोला गया था। इस दौरान जो लोग वापस निकले उनके साथ प्रेमाराम भी बाहर चले गए। इसके बाद दरवाजा फिर से बंद कर दिया गया। हालांकि प्रेमाराम थोड़ी देर में वापस दरवाजे पर लौटे थे लेकिन उस वक्त तक लॉक लग चुका था। वे चूंकि फेफड़े का कैंसर और इसका असर ब्रेन में होने के कारण जोर से बोल नहीं सकते। ऐसे में बोल नहीं पाए। बंद दरवाजे के बाद कुछ देर इंतजार कर लौट गए।
अब घरवाले जहां उनकी तलाश कर रहे हैं वहीं हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी पर भी सवाल खड़ा हुआ है। पुलिस को भी रिपोर्ट दी गई है और पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
आरएनई अपील: ‘ये शख्स प्रेमाराम हैं जो पीबीएम हॉस्पिटल से गायब हो गए हैं। इनकी कोई जानकारी किसी को मिले तो इन नंबरों पर सूचना दें। आप कुछ भी नहीं जानते तो कम से कम इतना करें कि इस न्यूज लिंक को शेयर कर दें। हो सकता है कि आपके इस सहयोग से किसी ऐसे आदमी तक यह लिंक पहुंच जाए तो गुमशुदा प्रेमाराम के बारे में कुछ जानता हो।’