PBM JAN ANDOLAN : 30 जून को बीकानेर आएंगे डोटासरा और टीकाराम जूली, प्रसूताओं की मौत, बदइंतजामी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर होगा बड़ा आंदोलन
RNE Bikaner.
पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत, कथित चिकित्सा अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने अपने आंदोलन को अब प्रदेश स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। पिछले कई दिनों से देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में चल रहे धरने को और तेज करते हुए कांग्रेस ने 30 जून को बड़े शक्ति प्रदर्शन की घोषणा की है। इस दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बीकानेर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे।
शुक्रवार को बीकानेर पहुंचे कांग्रेस नेता चेतन डूडी ने पत्रकार वार्ता में आंदोलन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उनके साथ देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी, कांग्रेस सेवादल के नेता कमल कल्ला, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, आनंद जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
'मौतें लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम' :
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। प्रसूताओं की मौतें महज दुर्घटना नहीं बल्कि अस्पताल की बदइंतजामी, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। नेताओं ने कहा कि सरकार और अस्पताल प्रशासन मामले की सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने मीडिया के सामने अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई दस्तावेज और तथ्यों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चिकित्सा व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार से तीखे सवाल :
कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि यदि अस्पताल में सब कुछ व्यवस्थित था तो लगातार प्रसूताओं की मौतें क्यों हुईं? उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग की।
30 जून को होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन :
कांग्रेस ने घोषणा की कि 30 जून को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और पीबीएम अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें :
- प्रसूताओं की मौतों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच।
- दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई।
- पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार।
- कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच।
- पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि यह आंदोलन केवल प्रसूताओं की मौत का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और जनता के विश्वास से जुड़ा सवाल है। 30 जून का प्रदर्शन इसी लड़ाई का निर्णायक चरण होगा।