RailwayUnion Controvercy : संगठन सहयोग और तालमेल से चलता है, छल से नहीं : अनिल व्यास
Rudra News Express Bikaner.
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (NWREU) के 23वें वार्षिक अधिवेशन से पहले संगठन में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। यूनियन के पूर्व अध्यक्ष अनिल व्यास ने महासचिव मुकेश माथुर पर बीकानेर को लंबे समय तक अधिवेशन की मेजबानी से दूर रखने और अपने प्रभाव को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्तमान मंडल नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बीकानेर में संगठन कमजोर हुआ है।
"17 साल बाद" के आरोप से आहत व्यास:
व्यास ने बीकानेर में 17 साल बाद अधिवेशन होने के प्रचार को भ्रामक बताया। उनका कहना है कि मंडल मंत्री रहते हुए उन्होंने करीब 10 वर्षों तक बीकानेर में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) और NWREU के अधिवेशन कराने की मांग उठाई, लेकिन बीकानेर को अवसर नहीं दिया गया।
जोधपुर और जयपुर में अधिवेशन कराने पर सवाल :
अनिल व्यास के मुताबिक, बीकानेर में अधिवेशन कराने की मांग के बावजूद महासचिव मुकेश माथुर ने जोधपुर में अधिवेशन कराने का निर्णय करवाया। उन्होंने दावा किया कि AIRF के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने भी एक अधिवेशन में बीकानेर की मांग का उल्लेख किया था, लेकिन इसके बावजूद यहां अधिवेशन नहीं हुआ।
व्यास ने सितंबर 2021 में NWREU के अधिवेशन की मांग का हवाला देते हुए कहा कि तत्कालीन मंडल मंत्री के फरवरी 2022 में सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद अधिवेशन जयपुर में करा दिया गया। उनका आरोप है कि बीकानेर के नेतृत्व को लगातार नजरअंदाज किया गया।
तैयारी पर सवाल:
व्यास ने आरोप लगाया कि माथुर बीकानेर के मजबूत नेतृत्व से असहज रहे और उनकी कार्यशैली से मंडल में संगठनात्मक स्थिति कमजोर हुई। उन्होंने मौजूदा अधिवेशन की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठाए। व्यास का कहना है कि महासचिव को बार-बार बीकानेर आना पड़ रहा है और अन्य पदाधिकारियों को भी व्यवस्था संभालने के लिए भेजना पड़ रहा है, जो स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी दर्शाता है।
उन्होंने वर्तमान मंडल मंत्री पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संगठनात्मक कार्यों में साथियों का पर्याप्त सहयोग नहीं लिया जा रहा। व्यास के मुताबिक, मंडल मंत्री पद छोड़ने की इच्छा भी जता चुके हैं और मंडल अध्यक्ष के सामने जिम्मेदारी छोड़ने की बात रख चुके हैं।
‘संगठन छल से नहीं, सहयोग से चलता है’
अनिल व्यास ने कहा, “संगठन सहयोग और आपसी तालमेल से चलता है, न कि छल से।” उन्होंने मौजूदा हालात में बीकानेर मंडल की संगठनात्मक स्थिति पर चिंता जताते हुए 23वें अधिवेशन की सफलता को लेकर सवाल खड़े किए।
अधिवेशन से पहले पूर्व अध्यक्ष के इन आरोपों ने NWREU में नेतृत्व और आपसी समन्वय को लेकर चल रहे मतभेदों को उजागर कर दिया है।