Rajasthan Budget 2026 : कांग्रेस बोली- ‘ऊँची दुकान, फीका पकवान’, आम जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं
RNE Bikaner.
राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट 2026-27 को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मंत्री डॉक्टर बी.डी. कला, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव जिया उर रहमान आरिफ सहित कई कांग्रेस नेताओं ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ऊँची दुकान, फीका पकवान” करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य बजट 2026-27 आमजन, युवा और बीकानेर जैसे जिलों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। उनके अनुसार यह बजट प्रभावहीन, निराशाजनक और ज़मीनी जरूरतों से कटा हुआ है, जिससे जनता में हताशा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
ये दिशाहीन बजट : डॉ.कल्ला
राजस्थान के पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता डा.बी.डी.कल्ला ने दिया कुमारी की ओर से प्रस्तुत बजट पर तीखा हमला बोला। डा.कल्ला ने कहा, दिशाहीन, आय घटाने वाला, विकास की दर को घटाने वाला तथा रोजगार सृजन नहीं होने का संकेत देता है। जो योजनाए बनाई निविदा कर्मचाोिं मंे 3000 कर्मचारियों की वैकेंसी जबकि सालों से काम कर रहे संविदाकर्मियों के नियमितीकरण के लिए कोई बात नहीं। जो योजनाएं बनाई गई हैं 2047 तक की बता रहे हैं। अभी तो दो साल की पुरानी घोषणाएं भी पूरी नहीं हुई। केवल थोथी घोषणाएं हैं। किसान, आम आदमी, मजदूर के लिए कुछ नहीं। इस बजट मंे क्षेत्रीय असंतुलन भी दिखाई देता है।
शिक्षा का बजट नई शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं है। मनरेगा मंे जो 40 प्रतिशत राशि राज्यों के लिए कहीं गई है उसमें भी ये नहीं कहा गया है कि ये राशि कहां से लाएंगे। इससे राजस्थान में बेरोजगारी फैलेगी।
हमारी खेजड़ी-गौचर भूमि छीन ली, बजट में भी किया निराश : बिशनाराम सियाग
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने राज्य सरकार के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत बजट में बीकानेर की पूर्णतः अनदेखी की है।बीकानेर के स्थानीय आमजन को बजट से बहुत उम्मीदें थी लेकिन उनके सपने केवल ख्वाब बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी खेजड़ी व गौचर भूमि छीन ली, लेकिन बदले में बीकानेर को कुछ भी नहीं दिया गया। पिछले बजट की तरह इस बार भी बीकानेर के साथ शौतेला व्यवहार किया गया है। मैं इस बजट की घोर निंदा करता हूं।”
उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों और बेरोजगार युवाओं को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके लिए किसी प्रकार की राहत की घोषणा नहीं की गई। पुराने प्रोजेक्ट और पूर्व में की गई घोषणाओं पर भी कोई ठोस निर्णय या क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत नहीं की गई। बीकानेर से कोटपुतली तक ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे की पिछले बजट में की गई घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना को लागू करने को लेकर भी इस बार कोई स्पष्टता नहीं दी गई। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेन्टर खोलने की पूर्व में की गई घोषणा के बावजूद बजट में कोई भी उल्लेख नहीं हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के लिए पानी, बिजली, सड़क इत्यादि की भी कोई विशेष विकास योजना या ग्राम विकास संबंधी घोषणा नहीं की गई है, जिससे ग्रामीण जनता में निराशा का माहौल है।
जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, बीकानेर फिर उपेक्षित : यशपाल गहलोत
बीकानेर श कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत का कहना है, बजट पूरी तरह से निराशाजनक और जनविरोधी साबित हुआ है। आम जनता, किसान, युवा, व्यापारी और मध्यम वर्ग जिस राहत और ठोस योजनाओं की उम्मीद कर रहे थे, वह इस बजट में कहीं नजर नहीं आई। बेरोजगारी, महंगाई और विकास के मुद्दों पर सरकार ने केवल औपचारिक घोषणाएँ की हैं, जमीनी स्तर पर कोई स्पष्ट रोडमैप दिखाई नहीं देता।
यदि पिछली कांग्रेस सरकार के बजट की तुलना की जाए तो उस समय प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए ठोस विकास कार्यों और नई योजनाओं की घोषणा की गई थी। लेकिन वर्तमान बजट में न तो कोई बड़ी नई योजना है और न ही युवाओं के लिए रोजगार सृजन का स्पष्ट प्रावधान।
सबसे चिंताजनक विषय बीकानेर जिले की अनदेखी है। बीकानेर पूर्व और पश्चिम दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक होने के बावजूद इस बजट में बीकानेर को कोई विशेष सौगात नहीं मिली। न कोई बड़ा प्रोजेक्ट, न कोई उद्योग, न कोई शिक्षा या स्वास्थ्य क्षेत्र की नई योजना — यह स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।
ये कागजी पुलिंदा है : हाजी मकसूद
पूर्व meyar एवं कांग्रेस नेता हाजी मकसूद अहमद का कहना है, राजस्थान के वित् मंत्री दिव्या कुमारी द्वारा डबल इंजन की सरकार का बजट सिर्फ़ दो घंटे पैंतालीस मिनट का बजट सिर्फ़ काग़ज़ी पुलिंदा है। इस सरकार ने पिछले बजट में 2718 घोषणाएँ की थी जिसमें से लगभग 30 प्रतिशत घोषणाएँ पूरी हुई है। इस बजट में शिक्षा के इन्फ्रास्ट्रक्चरके क्षेत्र में 21000 हज़ार करोड़ राशि की आवश्यकता थी लेकिन इस बजट मे ऊँट के मुँह में जीरे की बराबर बजट दिया। युवा बेरोज़गार, किसान, आमजन को कोई राहत नहीं। बड़े उद्योगपतियों का इस बजट में ध्यान रखा गया है लेकिन छोटे उद्योग व व्यापारीयो को नज़रअंदाज़ किया गया है। बीकानेर शहर के सत्तासीन राजनेताओं की अनदेखी की गई हैं।
ज़मीनी हकीकत से दूरी : जिया उर रहमान
जिया उर रहमान आरिफ ने कहा कि यह बजट विकास का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि आंकड़ों का मायाजाल है। इसमें ज़मीनी सच्चाई से कोई सरोकार नहीं दिखता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछले दो वर्षों में की गई अधिकांश घोषणाओं को आज तक धरातल पर नहीं उतार पाई है। यह सरकार की नीयत, कार्यशैली और प्रतिबद्धता—तीनों पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार का कोई ठोस रोडमैप नहीं है। स्थायी नौकरियों और नियमित भर्तियों के बजाय संविदा आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
आरिफ ने बीकानेर का जिक्र करते हुए कहा कि बजट में जिले के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे आमजन में गहरी निराशा है।
धरातल से कोसों दूर बजट : नितिन वत्सस
कांग्रेस नेता नितिन वत्सस ने बजट को स्थायित्व और मजबूती से रहित बताया। उन्होंने कहा कि पुरानी घोषणाएं आज भी अधूरी हैं और नई घोषणाओं के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। यह बजट गंभीरता से नहीं, बल्कि केवल भाषण और शायरियों के आधार पर तैयार किया गया प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराध, खासकर महिला सुरक्षा को लेकर बजट में कोई प्रभावी प्रावधान नहीं है। गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा को उन्होंने “ऊंट के मुंह में जीरा” बताया।
वत्सस ने कहा कि बीकानेर, जोधपुर, जालौर, सांचौर और बालोतरा जिलों के लिए 750 करोड़ की घोषणा की गई, लेकिन बीकानेर को सीधे तौर पर कुछ भी नहीं मिला। देशनोक को शुद्ध पेयजल की बात कहकर भ्रम फैलाया गया, जबकि कोटगेट–सांखला फाटक आरओबी जैसे पुराने स्वीकृत कार्य आज भी शुरू नहीं हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बीकानेर को कुछ न देने की सौगंध खा रखी है और एक बार फिर शहर को ठगा गया है।
बीकानेर के सपने फिर अधूरे : राहुल जादुसंगत
बीकानेर युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल जादुसंगत ने बजट को बीकानेर की जनता के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि बजट आमजन की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और शहर के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि बीकानेर का बायोलॉजिकल पार्क, सिक्स लेन सड़क, ड्रेनेज सिस्टम, आयुर्वेद कॉलेज, सांखला–कोटगेट आरओबी, हैंडेनेज प्रोजेक्ट और पवनपुरी ओवरब्रिज जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लंबे समय से अधर में लटके हैं, लेकिन बजट में इनके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
बरसिंहसर बिजली उत्पादन संयंत्र का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के बजाय संयंत्र ठप पड़ा है, जिससे क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
राहुल जादुसंगत ने सवाल उठाया कि सात विधानसभा क्षेत्रों में से छह में भाजपा विधायक होने के बावजूद बीकानेर को बजट में कोई बड़ी सौगात क्यों नहीं मिली। उन्होंने बजट को केवल दिखावा बताते हुए कहा कि बीकानेर की जनता आज भी विकास का इंतजार कर रही है।