RAS Jagriti Joshi ने प्रवर्तन निरीक्षक पद पर जॉइन किया, शिक्षक नेता शिव शंकर जोशी की पुत्री हैं जागृति
Rudra News Express Bikaner-Jaipur.
बीकानेर की होनहार बेटी जागृति जोशी ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024 के माध्यम से सफलता हासिल कर शहर का मान बढ़ाया है। उनका चयन राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रवर्तन निरीक्षक (Enforcement Inspector) के पद पर हुआ है। जागृति ने 1 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित विभागीय मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
जागृति जोशी सेवानिवृत्त शिक्षक नेता शिव शंकर जोशी की पुत्री हैं। वह बीकानेर के जाने-माने समाजसेवी स्वर्गीय कैप्टन जय नारायण जोशी की प्रपौत्री तथा सेवानिवृत्त एक्सईएन भंवर लाल शर्मा और रामेश्वरलाल शर्मा के परिवार से संबंध रखती हैं। जागृति की इस सफलता को परिवार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
समाजसेवा और शिक्षा से जुड़ा परिवार :
शिक्षक नेता शिव शंकर जोशी का परिवार लंबे समय से समाजसेवा और शिक्षा जगत से जुड़ा रहा है। शिव शंकर जोशी ने अपने सेवाकाल में विद्यार्थियों की भलाई और उनके शैक्षिक हितों के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। शिक्षा जगत में उनके योगदान और सामाजिक सरोकारों के बीच पुत्री जागृति की इस उपलब्धि ने परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है।
RAS-2024: खाद्य विभाग में 118 प्रवर्तन निरीक्षकों की नियुक्ति :
राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024 के तहत राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 118 प्रवर्तन निरीक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। विभाग की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश में चयनित अभ्यर्थियों को 1 अक्टूबर को जयपुर स्थित विभागीय मुख्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी सूची में बीकानेर की जागृति जोशी का नाम भी शामिल है।
कहां मिली नियुक्ति?
नियुक्ति आदेश के अनुसार सभी 118 अभ्यर्थियों को प्रवर्तन निरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। इसमें सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रारंभिक कार्यग्रहण के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग मुख्यालय, खाद्य भवन, सचिवालय, जयपुर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संबंधित जिलों में पोस्टिंग दी जाएगी।
क्या हैं नियुक्ति की शर्तें?
आदेश के मुताबिक नियुक्तियां परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी के रूप में की गई हैं। अभ्यर्थियों को विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित प्रशिक्षण और विभागीय परीक्षाएं उत्तीर्ण करनी होंगी। नियुक्तियां मूल दस्तावेजों की जांच और पुलिस सत्यापन के अधीन रहेंगी। प्रतिकूल चरित्र सत्यापन रिपोर्ट मिलने पर नियुक्ति निरस्त की जा सकती है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय पर कार्यग्रहण नहीं करने पर नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जा सकती है। अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र, आवश्यक प्रमाण-पत्र और अन्य निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। कार्यग्रहण के बाद चयनित अभ्यर्थियों की दस्तावेज जांच, चरित्र सत्यापन, प्रशिक्षण और परिवीक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अलग-अलग जिलों में अंतिम पदस्थापना की जानकारी के लिए विभाग के पृथक पदस्थापना आदेश की जरूरत होगी।