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बीकानेर में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों ने मंत्री गौतम दक के खिलाफ नारे लगाए, बर्खास्तगी की मांग उठाई

 

RNE Bikaner.

राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम दक के कथित रूप से पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को बीकानेर में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने गौतम दक को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया।

राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान, बीकानेर संभाग के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में पूर्व पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर "गौतम दक मुर्दाबाद", "तानाशाही नहीं चलेगी", "पुलिस संगठन जिंदाबाद" और "पुलिस का अपमान नहीं सहेगा राजस्थान" जैसे नारों से गूंज उठा।

पुलिस के आत्मसम्मान पर चोट : गहलोत 

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिराम गहलोत ने कहा कि मंत्री का कथित व्यवहार केवल एक पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि पूरे पुलिस बल के आत्मसम्मान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह की भाषा और व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 76/2026 की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मंत्री गौतम दक को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।

राज्यपाल- मुख्यमंत्री को ज्ञापन, 15 दिन में हो कार्रवाई : 

उग्र प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ पुलिस बल की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई। संस्थान ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन पूरे राजस्थान में फैलाया जाएगा। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे अन्य कर्मचारी संगठनों और आमजन के सहयोग से राज्यव्यापी धरना, प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।

बड़ी संख्या में जुटे पूर्व पुलिस अधिकारी : 

प्रदर्शन में हरिराम गहलोत, श्रीकृष्ण मीणा, जगमालराम बिस्सू, सलावत खान, सुखदेव व्यास, अरुण आहूजा, गणेशनाथ, भंवरलाल, ओमप्रकाश चौधरी, महेंद्र तिवारी, धन्नेसिंह राठौड़, सतीश यादव, चंवर सिंह शेखावत, प्रताप सिंह, राजवीर सिंह, मनीराम यादव, भवानी सिंह, विजयदान, अनूप सिंह, बद्रीप्रसाद ओझा, श्रवणराम विश्नोई, अयूब खान पठान, महबूब अली सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।