Rohit Godara गैंग के संदीप स्वामी, मुकेश बिश्नोई बीकानेर से गिरफ्तार, साइबर ठगी के 50 लाख खातों में लेकर क्रिप्टो और हवाला के जरिए पहुंचाते थे
RNE Bikaner.
बीकानेर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर देशभर में ठगी की रकम अपने और गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में प्राप्त करते थे तथा बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी और हवाला नेटवर्क के जरिए अपराधियों तक पहुंचाते थे।
Cyber ठगी से वसूली कर Flossi Pay से क्रिप्टो में बदलते थे रकम :
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप स्वामी (32) और मुकेश बिश्नोई (28) निवासी रामपुरा बस्ती, बीकानेर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाकर उसे "फ्लोसिस पे" नामक एप्लीकेशन के क्लोन टूलकिट के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में बदलते थे। इसके अलावा हवाला नेटवर्क के जरिए भी रकम गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।
23 साइबर शिकायतें, 50 लाख का लेन-देन :
पुलिस के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज 23 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें मिली हैं। जांच में अब तक करीब 50 लाख रुपए की साइबर ठगी की रकम इन खातों में जमा होना सामने आया है। पुलिस गैंग से जुड़े अन्य खातों और सदस्यों की भी गहन जांच कर रही है।
ठगी के पैसे से खरीदते थे अवैध हथियार :
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने में भी किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार गैंग के अन्य सदस्य इस रकम से अवैध हथियार खरीदकर आपराधिक गिरोहों को उपलब्ध करवाते थे और विभिन्न राज्यों में अवैध वसूली जैसी गतिविधियों को अंजाम देते थे।
आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया :
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी संदीप स्वामी के खिलाफ पहले से मारपीट, धोखाधड़ी, अपहरण, जान से मारने की धमकी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में चार आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वहीं मुकेश बिश्नोई के खिलाफ मारपीट, धमकी और अवैध हथियार से संबंधित एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस ने दोनों को रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया है।
पुलिस की अपील :
बीकानेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे व्यक्ति खुद भी आपराधिक मामलों में सह-आरोपी बन सकता है। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध अब केवल ऑनलाइन धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इनके जरिए संगठित अपराध और गैंगवार जैसी गतिविधियों को भी आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
इस टीम ने दिया अंजाम :
बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश (IPS) और बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा (IPS) के निर्देशन में की गई। कार्रवाई का सुपरविजन साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज (RPS) ने किया, जबकि टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा ने किया।