राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में पाँच दिवसीय FDP के द्वितीय दिवस साइबर सुरक्षा पर व्याख्यान
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राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के द्वितीय दिवस “साइबर सिक्योरिटी” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साइबर पुलिस विभाग में प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत श्री शिवकुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। IQAC सदस्य डॉ. राधा सोलंकी ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया।
अपने व्याख्यान में श्री शिवकुमार शर्मा ने विभिन्न वास्तविक साइबर अपराधों एवं मामलों का उदाहरण देते हुए साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने फेक ट्रांजेक्शन मैसेज, डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक, इन्वेस्टमेंट स्कैम, APK फाइल स्कैम, KYC स्कैम, ऑनलाइन गेमिंग स्कैम, म्यूल अकाउंट तथा USSD आधारित साइबर धोखाधड़ी जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
मुख्य वक्ता ने बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को भ्रमित कर उनकी व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी प्राप्त करते हैं। उन्होंने सरकारी एवं फर्जी संदेशों के बीच अंतर पहचानने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड न करने तथा किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा न करने के लिए जागरूक किया। साथ ही, भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं एवं वेबसाइटों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन एवं APK फाइलों की जानकारी प्राप्त करने के संबंध में भी जानकारी दी।
उन्होंने गृह मंत्रालय द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहकर तत्काल उचित निर्णय लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल संपर्क कर पुलिस की सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने समय पर शिकायत दर्ज कराने को साइबर अपराध से होने वाली आर्थिक क्षति को सीमित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रजनी रमण झा ने अपने संबोधन में साइबर सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की जागरूकता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में प्रत्येक व्यक्ति को साइबर अपराधों के प्रति सजग एवं सतर्क रहना आवश्यक है। विद्यार्थियों और शिक्षकों की जागरूकता साइबर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ असित गोस्वामी द्वारा मुख्य वक्ता को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया एवं डॉ अंजली शमा ने व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों एवं उपस्थित संकाय सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। व्याख्यान के दौरान साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं व्यावहारिक उदाहरणों ने उपस्थित प्रतिभागियों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति अधिक जागरूक एवं सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।