{"vars":{"id": "127470:4976"}}

Team Hour For Nation : 
बीकानेर न्यायालय परिसर के पार्किंग क्षेत्र में श्रमदान से बदली तस्वीर, एक ट्रॉली कचरा हटाया

 

RNE, BIKANER.

 

हर सप्ताह कुछ समय राष्ट्र के नाम के संकल्प के साथ चलाए जा रहे टीम आवर फॉर नेशन के साप्ताहिक स्वच्छता अभियान के तहत रविवार को न्यायालय पार्किंग एवं पब्लिक पार्क, कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास सामूहिक श्रमदान किया गया।

अभियान के दौरान न्यायालय पार्किंग क्षेत्र में लंबे समय से जमा कचरे, झाड़ियों एवं अनावश्यक वनस्पति को हटाया गया। विशेष रूप से पार्किंग के मुख्य गेट के आसपास झाड़ियां इतनी अधिक बढ़ गई थीं कि गेट को खोलने-बंद करने तथा आवाजाही में भी परेशानी हो रही थी। टीम ने श्रमदान कर पूरे क्षेत्र को साफ करते हुए गेट को पूरी तरह सुगम बनाया।

 

अभियान के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा एवं झाड़ियां एकत्रित कर डंपिंग स्टेशन भेजी गईं। सफाई के बाद पार्किंग क्षेत्र का स्वरूप काफी व्यवस्थित और स्वच्छ नजर आया।

आज के अभियान की विशेष बात यह रही कि बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में बार एसोसिएशन के अनेक अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने टीम आवर फॉर नेशन के साथ सक्रिय रूप से श्रमदान किया। न्यायालय परिसर से जुड़े लोगों की सहभागिता ने अभियान को और अधिक सार्थक बनाया।

अभियान में टीम आवर फॉर नेशन की ओर से डॉ. फ़ारूक़, डॉ. विशाल मलिक, डॉ. विजेंद्र त्रिपाठी, सीए सुधीश शर्मा, देवेंद्र शास्त्री, किशोर भाटिया, वंदना शर्मा, कपिला शर्मा, सीए वसीम रज़ा, सुरभि शर्मा, देवकिशन तंवर, हेमंत सिंह एवं यशस्वी पाराशर सहित अन्य सदस्यों ने श्रमदान किया।

बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित, एडवोकेट विमला सुरोलिया, एडवोकेट बजरंग छींपा, एडवोकेट ताराचंद उपाध्याय, एडवोकेट रामनिवास बिश्नोई, त्रिलोक चन्द शर्मा तथा बार कर्मचारी गोपाल पुरोहित, ऋतिक ओझा, राहुल, गोपाल जोशी, लक्ष्मण पंवार, रमेश, दिनेश ओझा, शशी मोहन, हेमराज एवं प्रशांत सहित अनेक लोगों ने सहभागिता की।

टीम आवर फॉर नेशन का मानना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। जब समाज के विभिन्न वर्ग स्वयं आगे आकर श्रमदान करते हैं, तो स्वच्छता एक अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन का रूप लेती है।

संदेश स्पष्ट है—शिकायत नहीं, सहयोग। सामूहिक श्रमदान से ही स्वच्छ और सुंदर बीकानेर का निर्माण संभव है।