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Terapanth News: आचार्य महाश्रमण ने की बड़ी घोषणा, महावीर मुनि नए युवाचार्य, ये ही होंगे अगले आचार्य

 

Rudra News Express Ladnu.

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के लिये ऐतिहासिक और भावनात्मक घोषणा हुई है। युगप्रधान अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण ने भिक्षु चेतना वर्ष की पूर्णाहुति के अवसर पर धर्मसंघ के भावी नेतृत्व की घोषणा करते हुए मुख्य मुनि महावीर कुमार को नया युवाचार्य नियुक्त किया।

जैन विश्व भारती परिसर में आयोजित भव्य सुधर्मा सभा में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जैसे ही आचार्य महाश्रमण ने महावीर कुमार के नाम की घोषणा की, पूरा परिसर जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद आचार्यश्री ने उन्हें अमल-धवल चादर ओढ़ाकर तेरापंथ धर्मसंघ के भावी नेतृत्व का दायित्व सौंपा।

घोषणा के दौरान आचार्य महाश्रमण ने भगवान महावीर, तेरापंथ के संस्थापक आचार्य भिक्षु तथा पूर्वाचार्यों का स्मरण करते हुए कहा कि तेरापंथ की सबसे बड़ी शक्ति एक आचार्य के नेतृत्व की परंपरा है, जिसने संघ को अनुशासन, संगठन और मर्यादा के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आचार्य का दायित्व केवल वर्तमान का संचालन करना नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को भी सुनिश्चित करना है।

आचार्यश्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें आचार्य तुलसी और आचार्य महाप्रज्ञ के सान्निध्य में सीखने और कार्य करने का अवसर मिला। उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्होंने नियुक्ति पत्र का वाचन कर महावीर कुमार को युवाचार्य पद पर नियुक्त करने की औपचारिक घोषणा की। घोषणा के साथ ही साधु-साध्वियों, श्रावक-श्राविकाओं और श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।

तेरापंथ की परंपरा की विशेषता :

करीब ढाई सौ वर्ष पूर्व आचार्य भिक्षु द्वारा स्थापित तेरापंथ धर्मसंघ में उत्तराधिकार की स्पष्ट और सुव्यवस्थित परंपरा रही है। वर्तमान आचार्य अपने जीवनकाल में ही भावी उत्तराधिकारी को युवाचार्य घोषित करते हैं, जिससे नेतृत्व परिवर्तन के समय किसी प्रकार का विवाद या असमंजस उत्पन्न नहीं होता। यही व्यवस्था तेरापंथ धर्मसंघ को अनुशासन, संगठन और एक नेतृत्व की विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

मुख्य मुनि महावीर कुमार की युवाचार्य पद पर नियुक्ति को इसी गौरवशाली परंपरा की निरंतरता और धर्मसंघ के भविष्य के नेतृत्व को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।